तकरार मे छिपा प्यार
तकरार में छिपा प्यार राहुल अपने एक रिश्तेदार के घर दो दिनों के लिए गया था। घर में लगभग पैंसठ वर्ष के दादाजी और साठ वर्ष की दादीजी रहते थे। सुबह से शाम तक दोनों की नोक-झोंक सुनाई देती रहती।...
तकरार में छिपा प्यार राहुल अपने एक रिश्तेदार के घर दो दिनों के लिए गया था। घर में लगभग पैंसठ वर्ष के दादाजी और साठ वर्ष की दादीजी रहते थे। सुबह से शाम तक दोनों की नोक-झोंक सुनाई देती रहती।...
चुभन पुरानी साड़ियों के बदले बर्तनों के लिए मोल भाव करती एक सम्पन्न घर की महिला ने अंततः दो साड़ियों के बदले एक टब पसंद किया . "नहीं दीदी ! बदले में तीन साड़ियों से कम तो नही लूँगा ."...
अनोखा अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौत हो गई। तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले...
बुराई जड़ से ख़त्म करो बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक कोई लाभ नहीं होगा। किसी नगर में एक आदमी रहता...
आज के संदर्भ में श्री कृष्ण चरित्र कृष्ण और बलराम दो भाई हैं। सारे जीवन परछाई की तरह साथ रहे लेकिन पांडव- कौरवों में क्या चल रहा है, ये बलराम कभी नहीं समझ पाए। उन्होंने दुर्योधन को गदा सिखाई फिर...
बुद्धि का भ्रम एक सज्जन का नियम था कि प्रतिदिन तीन ग़रीब लोगों को भोजन कराने के पश्चात् ही स्वयं भोजन करते थे। एक दिन बहुत खोजने पर भी कोई ग़रीब न मिला। दोपहर हो गई। त्योहार निकट थी। दुकानों...
ईंटों के बीच दबे सपने एक छोटे से कस्बे में बारह वर्षीय अर्जुन रहता था। उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने थे। वह पढ़-लिखकर अधिकारी बनना चाहता था ताकि अपने गाँव की तस्वीर बदल सके। लेकिन गरीबी ने उसके सपनों को...
मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास सरस्वती विद्या स्कूल में आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी पढ़ते थे—शैतान सिंह और अभिलाषा। दोनों एक ही कक्षा में थे, लेकिन उनके स्वभाव बिल्कुल अलग थे। शैतान सिंह बहुत बुद्धिमान था, लेकिन पढ़ाई को गंभीरता से...
साधना का प्रताप पुराने समय की बात है एक आश्रम में बहुत से शिष्य रहते थे और वह सब आपस में बातें किया करते थे कि मुझे आज ऐसा अनुभव हुआ, कोई कहता मुझे इस तरह का अनुभव हुआ, हर...
लालच बुरी बलाय गाँव में एक नाई अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। नाई ईमानदार था, अपनी कमाई से संतुष्ट था। उसे किसी तरह का लालच नहीं था। नाई की पत्नी भी अपनी पति की कमाई हुई आय...