कड़वाहट
कड़वाहट एक शादी में किशोर ने देखा कि दो बुजुर्ग भाई साथ बैठकर खाना खा रहे हैं। बड़ा भाई अधिक वृद्ध था, इसलिए छोटा भाई बड़े लाड से उसे अपने हाथों से निवाला खिला रहा था। यह मंज़र देखते ही...
कड़वाहट एक शादी में किशोर ने देखा कि दो बुजुर्ग भाई साथ बैठकर खाना खा रहे हैं। बड़ा भाई अधिक वृद्ध था, इसलिए छोटा भाई बड़े लाड से उसे अपने हाथों से निवाला खिला रहा था। यह मंज़र देखते ही...
नंदी के जन्म से नंदीश्वर बनने तक की रहस्यमयी कथा माता पार्वती हनुमान को नंदी के जन्म की कथा सुनाने लगीं। एक समय ऋषि शिलाद के मन में पुत्र प्राप्ति की इच्छा जागी। इस संकल्प के साथ ऋषि शिलाद ने...
आधी रोटी एक बार श्रावस्ती में भयंकर अकाल पड़ा। अनेकों लोग भूख से मर गए। सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति उन माताओं की थी जिनकी गोद में छोटे-छोटे बच्चे थे, उनके घर के पुरुष भूख से मर चुके थे।भगवान बुद्ध से...
कृपानुभूति श्रीहनुमान्जी की कृपासे असम्भव भी सम्भव हो गया वर्ष 1984 समस्त देशके लिये अत्यन्त चुनौतीपूर्ण वर्ष था। अमृतसर में अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में सेनाको 6 जून 1984 ई० को ऑपरेशन ब्लू स्टार करना पड़ा, जिसके अत्यन्त दूरगामी परिणाम आये।...
हनुमान चालीसा की महिमा मेरे रिश्तेदार की पौत्री को मधुमेह रोग है। वह इंसुलिन का इंजेक्शन लेती है, परंतु एक दिन जब वह परीक्षा देने के लिये कॉलेज गयी थी, अचानक सुगर-लेवल बढ़ गया। उसे पास के अस्पताल में दिखाया...
कठिनाईयां एक राजा ने सड़क के बीचों-बीच एक बहुत बड़ा पत्थर रखवा दिया और चुपचाप नजदीक के एक पेड़ के पीछे जाकर छुप गया। दरअसल वो देखना चाहता था कि कौन व्यक्ति बीच सड़क पर पड़े उस भारी-भरकम पत्थर को...
आखिरी मुलाकात ? एक प्रेमी-युगल था। शादी से पहले दोनों के बीच खूब हँसी-मजाक, प्यार और नोक-झोंक हुआ करती थी। छोटी-छोटी बातों पर रूठना और फिर एक-दूसरे को मनाना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे परिस्थितियाँ...
सच्ची श्रद्धा का फल एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह माता लक्ष्मी का बहुत बड़ा भक्त था। हर शुक्रवार को वह व्रत रखता, पूजा करता और अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी न किसी जरूरतमंद...
मर्यादा पुरुषोत्तम चौदह वर्ष के वनवास से लौटने के बाद जब श्रीराम माता कैकेयी के चरण छूने पहुंचे, तो कैकेयी ने रोते हुए कहा - "राम, मैंने तुम्हें इतना कष्ट दिया, फिर भी तुम मुझे वही आदर क्यों दे रहे...
हे ईश्वर ! तुम्हारा धन्यवाद एक जादूगर जो मृत्यु के करीब था, मृत्यु से पहले अपने बेटे को चाँदी के सिक्कों से भरा थैला देता है और बताता है कि, "जब भी इस थैले से चाँदी के सिक्के खत्म हो...