lalittripathi@rediffmail.com

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अपने-पराये

अपने-पराये फ़ोन की घंटी तो सुनी मगर आलस की वजह से रजाई में ही लेटी रही। उसके पति राहुल को आखिर उठना ही पड़ा। दूसरे कमरे में पड़े फ़ोन की घंटी बजती ही जा रही थी । इतनी सुबह कौन...

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प्रभु की कृपा

प्रभु की कृपा प्रहलाद ने भगवान से माँगा:- "हे प्रभु मैं यह माँगता हूँ कि मेरी माँगने की इच्छा ही ख़त्म हो जाए।" कुंती ने भगवान से माँगा:- "हे प्रभु मुझे बार बार विपत्ति दो ताकि आपका स्मरण होता रहे।"...

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गलतफहमी

गलतफहमी राघव स्वभाव से बहुत तेज़-तर्रार आदमी था। छोटी-सी बात पर गुस्सा करना और बिना पूरी बात जाने किसी को दोषी ठहरा देना उसकी आदत बन चुकी थी। एक दिन उसका पुराना मित्र नरेश कई वर्षों बाद उससे मिलने आया।...

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ईमानदारी के फलो का मीठा फल

ईमानदारी के फलों का मीठा फल एक छोटे से गाँव में सोहनलाल नाम का एक गरीब लेकिन ईमानदार आदमी रहता था। वह रोज खेतों से ताजे फल खरीदकर अपनी ठेली पर बेचता था। उसके फल इतने ताजे और स्वादिष्ट होते...

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मायका

मायका एक दिन पति से झगड़ा हुआ तो मैंने अपने दिल की सारी बातें अपने भाई को बता दीं। मेरी बातें सुनकर भाई ने प्यार से कहा, “तुम कुछ दिनों के लिए मेरे घर आ जाओ। जब तुम दोनों एक-दूसरे...

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दस रुपये के बदले 13 लाख रुपये

दस रुपये के बदले 13 लाख रुपये सेठ ने अभी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली "सेठ जी ये अपने दस रुपये रख लो" सेठ उस गरीब सी औरत को प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगा, जैसे...

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चाँद से पहले तुम

चाँद से पहले तुम एक छोटे से घर में रहने वाली नेहा ने अपने पति रोहित के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। सुबह से भूखी-प्यासी नेहा बस शाम होने का इंतज़ार कर रही थी। लेकिन उस दिन रोहित...

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ये दुनिया है

ये दुनिया है शहर के सबसे सम्मानित और दयालु व्यक्ति सेठ मोहनचंद का अचानक निधन हो गया। यह समाचार पूरे शहर में आग की तरह फैल गया। जिसने भी सुना, उसकी आँखें नम हो गईं। आखिर सेठ जी ने अपना...

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हनुमान जी और विभीषण

हनुमान जी और विभीषण पूरी लंका जलने के बावजूद विभीषण का महल इसलिए सुरक्षित बच गया क्योंकि हनुमानजी को लंका में उनके घर के ऊपर 'श्री राम' नाम अंकित मिला। हनुमानजी जानते थे कि विभीषण एक सच्चे राम भक्त हैं,...

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यात्रा -नास्तिक से आस्तिक

यात्रा -नास्तिक से आस्तिक जय राम शहर का एक अत्यंत कुशाग्र बुद्धि वाला तर्कशास्त्री था, जिसकी पहचान एक ऐसे कट्टर नास्तिक के रूप में थी जो केवल प्रत्यक्ष प्रमाण और वैज्ञानिक आंकड़ों पर ही विश्वास करता था और अक्सर सभाओं...

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