आखिरी मुलाकात ?
आखिरी मुलाकात ? एक प्रेमी-युगल था। शादी से पहले दोनों के बीच खूब हँसी-मजाक, प्यार और नोक-झोंक हुआ करती थी। छोटी-छोटी बातों पर रूठना और फिर एक-दूसरे को मनाना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे परिस्थितियाँ...
आखिरी मुलाकात ? एक प्रेमी-युगल था। शादी से पहले दोनों के बीच खूब हँसी-मजाक, प्यार और नोक-झोंक हुआ करती थी। छोटी-छोटी बातों पर रूठना और फिर एक-दूसरे को मनाना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे परिस्थितियाँ...
सच्ची श्रद्धा का फल एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह माता लक्ष्मी का बहुत बड़ा भक्त था। हर शुक्रवार को वह व्रत रखता, पूजा करता और अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी न किसी जरूरतमंद...
मर्यादा पुरुषोत्तम चौदह वर्ष के वनवास से लौटने के बाद जब श्रीराम माता कैकेयी के चरण छूने पहुंचे, तो कैकेयी ने रोते हुए कहा - "राम, मैंने तुम्हें इतना कष्ट दिया, फिर भी तुम मुझे वही आदर क्यों दे रहे...
हे ईश्वर ! तुम्हारा धन्यवाद एक जादूगर जो मृत्यु के करीब था, मृत्यु से पहले अपने बेटे को चाँदी के सिक्कों से भरा थैला देता है और बताता है कि, "जब भी इस थैले से चाँदी के सिक्के खत्म हो...
कर्म का हिसाब नौएडा अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया। मरीज बेहद सीरियस था। एक मरीज डिस्चार्ज हुआ उसके स्थान पर एडमिट किया गया, अस्पताल के मालिक डॉक्टर शर्मा जी ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की...
गंगा मैया कहाँ से लाओगे एक बार अमेरिका में रहने वाले उनके एक प्रशंसक ने उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और वहाँ शहनाई स्कूल खोलने का शानदार प्रस्ताव दिया। उन्हें मनाने के लिए उसने कहा-"आपके...
ईश्वर कहाँ है मन को वश करके प्रभु चरणों मे लगाना बडा ही कठिन है ।शुरुआत मे तो यह इसके लिये तैयार ही नहीं होता है । लेकिन इसे मनाए कैसे? एक शिष्य थे किन्तु उनका मन किसी भी भगवान...
एक प्लेट हलवे की कीमत जगदीश प्रसाद जी चुपचाप बैठे हुए बड़ी बहू गीता की बातों को सुनते जा रहे थे। लग रहा था कि किसी भी समय वो अपना धीरज खो बैठेंगे, पर किसी तरह उन्होंने अपने-आप को काबू...
हर आत्मा अपने कर्म की स्वामिनी पिताजी पहले बहुत परेशान रहते थे। उन्हें ठीक से नींद नहीं आती थी, उनका शरीर थका रहता था। वह चिड़चिडे हो गए थे, बात-बात पर नाराज़ हो जाते थे । हर समय कोई न...
भक्त और भगवान जी की अद्भुत लीला गंगाजी किनारे बसी निषादों की बस्ती में एक झोपड़ी में दिया जल रहा था। केवट जी की आंखों में नींद नहीं थी। उसकी बूढ़ी माँ ने उसे कहानी सुनाई थी कि एक दिन...