बुद्धि का भ्रम एक सज्जन का नियम था कि प्रतिदिन तीन ग़रीब लोगों को भोजन कराने के पश्चात् ही स्वयं भोजन करते थे। एक दिन बहुत खोजने पर भी कोई ग़रीब न मिला। दोपहर हो गई। त्योहार निकट थी। दुकानों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन में हमे आने वाले कल की चिंता नही, कल की उत्सुकता होनी चाहिए….!!...
ईंटों के बीच दबे सपने एक छोटे से कस्बे में बारह वर्षीय अर्जुन रहता था। उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने...
मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास सरस्वती विद्या स्कूल में आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी पढ़ते थे—शैतान सिंह और अभिलाषा। दोनों एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " दुनिया में चाहे सब कुछ छोड़ देना लेकिन मुस्कुराना और उम्मीद कभी मत छोड़ना...
साधना का प्रताप पुराने समय की बात है एक आश्रम में बहुत से शिष्य रहते थे और वह सब आपस...
लालच बुरी बलाय गाँव में एक नाई अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। नाई ईमानदार था, अपनी कमाई...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमारी ज़िंदगी हमारी जिम्मेदारी है, भगवान भी केवल 'सारथी' बन सकता है, योद्धा' तो...

