ईंटों के बीच दबे सपने एक छोटे से कस्बे में बारह वर्षीय अर्जुन रहता था। उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने थे। वह पढ़-लिखकर अधिकारी बनना चाहता था ताकि अपने गाँव की तस्वीर बदल सके। लेकिन गरीबी ने उसके सपनों को...
मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास सरस्वती विद्या स्कूल में आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी पढ़ते थे—शैतान सिंह और अभिलाषा। दोनों एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " दुनिया में चाहे सब कुछ छोड़ देना लेकिन मुस्कुराना और उम्मीद कभी मत छोड़ना...
साधना का प्रताप पुराने समय की बात है एक आश्रम में बहुत से शिष्य रहते थे और वह सब आपस...
लालच बुरी बलाय गाँव में एक नाई अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। नाई ईमानदार था, अपनी कमाई...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमारी ज़िंदगी हमारी जिम्मेदारी है, भगवान भी केवल 'सारथी' बन सकता है, योद्धा' तो...
गुरु पूर्णिमा विशेष एक समय एक आश्रम में एक गुरू के सैकड़ों शिष्य एकत्रित हुए। वे वहाँ अपने गुरू की...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर समस्त गुरुजनों, आचार्यों, संत-महात्माओं एवं जीवन में...

