मर्यादा की डोर सुबह का समय था। कॉलेज का गेट खुल चुका था और छात्र-छात्राओं की भीड़ अंदर जा रही थी। हर दिन की तरह आज भी प्रोफेसर अभय कस्वां अपनी कक्षा की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में उनकी...
सब एनर्जी का खेल है हम जैसी Energy बाहर भेजोगे वैसी ही पाएंगेEverything is Energy…. ✦ जो भी हम देखते...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " ज्यादा सोचना अच्छा नहीं होता ये उन समस्याओं को भी जन्म दे देता है...
कुछ समय दो एक लड़की अपनी माँ के साथ पुलिस मे अपने पति एवं ससुराल वालो के खिलाफ शिकायत करने...
कर्म किसी को माफ नहीं करता एक दंपत्ति ने चुराया एक संत का सोना और उन्हें हिसाब चुकाना पड़ा! एक...
शिक्षा का दर्पण सुबह के नौ बज रहे थे जब मेरी आँख खुली। अलार्म बजते-बजते रुक गया था और मैं...
