जय श्री राधे कृष्ण ….. " सृष्टि कितनी भी बदल जाए, फिर भी हम पूर्ण सुखी नहीं हो सकते। जबकि दृष्टि जरा सी बदल जाए तो हम सुखी हो सकते हैं। जैसी दृष्टी 👁 वैसी सृष्टि 🌎…..!! सुप्रभात ☀️ आज...
जैसी करनी वैसा फल, आज नहीं तो मिलेगा कल एक गाँव के एक जमींदार ठाकुर बहुत वर्षों से बीमार थे।...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन..एक ऐसा रंगमंच है,……जहां किरदार को..खुद नही पता होता की..अगला दृश्य क्या होगा…..!! सुप्रभात...
अदृश्य पर विश्वास एक बार की बात है, एक माँ के गर्भ में दो शिशु पल रहे थे। दोनों धीरे-धीरे...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम पानी को फिल्टर करके ग्रहण करते...
धन्यवाद एक व्यक्ति को हमेशा शिकायत करने की आदत थी। मौसम ठीक न हो तो शिकायत, काम ज़्यादा हो तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " एक अच्छी किताब कितनी भी पुरानी हो जाए..उसके शब्द नही बदलते,अच्छे रिश्तों की भी...
ममत्व की पराकाष्ठा गाँव के सरकारी स्कूल में संस्कृत की क्लास चल रही थी। गुरूजी दिवाली की छुट्टियों का कार्य...
खुशी के वो पल ड्राइंग रूम से पापा की तेज़ आवाज़ आ रही थी। मैं अपने कमरे के दरवाज़े के...

