भजन का सौदा महाराज युधिष्ठिर ध्यान में मग्न हुए वन में बैठे थे। ध्यान से उठे, तो द्रौपदी ने कहा- "धर्मराज! इतना भजन आप भगवान का करते है, इतनी देर तक ध्यान में बैठे रहते हैं, फिर उनसे यह क्यों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हर रिश्ता एक अनमोल उपहार है, बस हम इसे शिकायतों से नही, क्षमा एवं...
भगवान का साथ हर समय मिलता है एक दिन की बात है, जब मुझे सूरत जाना पड़ा। मेरे पास वहां...
सत्संग की महिमा एक बार महर्षि वसिष्ठ और विश्वामित्र में यह विवाद छिड़ा कि तपस्या बड़ी है या सत्संग। वसिष्ठजी...
परमसत्ता की अनुकम्पा- कृपानुभूति बात उन दिनों की है, जब मुझे इस संसारमें आये हुए कुछ दिवस ही हुए थे,...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " चींटियों का इकट्ठा किया हुआ अनाज, मधुमक्खियां का इकट्ठा किया हुआ शहद और इंसान...
