कर्म का फल एक बार की कथा है, देवऋषि नारद और ऋषि अंगिरा कहीं जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर एक मिठाई की दुकान पर पड़ी। दुकान के नजदीक ही झूठी पतलों का ढेर लगा हुआ था। उस झूठन...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हमें दिखावे की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्यूँकि जब हम परफेक्ट हो जायेंगे तब...
भजन का सौदा महाराज युधिष्ठिर ध्यान में मग्न हुए वन में बैठे थे। ध्यान से उठे, तो द्रौपदी ने कहा-...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " हर रिश्ता एक अनमोल उपहार है, बस हम इसे शिकायतों से नही, क्षमा एवं...
भगवान का साथ हर समय मिलता है एक दिन की बात है, जब मुझे सूरत जाना पड़ा। मेरे पास वहां...
सत्संग की महिमा एक बार महर्षि वसिष्ठ और विश्वामित्र में यह विवाद छिड़ा कि तपस्या बड़ी है या सत्संग। वसिष्ठजी...
परमसत्ता की अनुकम्पा- कृपानुभूति बात उन दिनों की है, जब मुझे इस संसारमें आये हुए कुछ दिवस ही हुए थे,...
