गुरु पूर्णिमा विशेष
गुरु पूर्णिमा विशेष एक समय एक आश्रम में एक गुरू के सैकड़ों शिष्य एकत्रित हुए। वे वहाँ अपने गुरू की एक झलक पाने, उनके ज्ञानपूर्ण वचन को सुनने और ध्यान आदि सीखने के लिए एकत्रित हुए थे। विशेषत: वे सभी...
गुरु पूर्णिमा विशेष एक समय एक आश्रम में एक गुरू के सैकड़ों शिष्य एकत्रित हुए। वे वहाँ अपने गुरू की एक झलक पाने, उनके ज्ञानपूर्ण वचन को सुनने और ध्यान आदि सीखने के लिए एकत्रित हुए थे। विशेषत: वे सभी...
पालनहार एक समय लक्ष्मी जी विष्णु जी को भोजन करा रही थी ,विष्णु जी ने पहला ग्रास मुंह में लेने से पहले ही हाथ रोक लिया, और उठ कर चले गए ।लौट कर आने पर भोजन करते करते लक्ष्मी जी...
कल पर टली खुशियाँ राजस्थान के छोटे से गाँव में बबलू और उसकी पत्नी प्रमिला अपने दो बच्चों के साथ एक सादा लेकिन खुशहाल जीवन जीते थे। बबलू मेहनती किसान था। सुबह सूरज निकलने से पहले खेतों में चला जाता...
प्रभु जगन्नाथ ओडिशा के पवित्र नगर पुरी में, जहाँ समुद्र की लहरें भी मानो "जय जगन्नाथ" का जाप करती थीं, वहीं भगवान जगन्नाथ का विशाल मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र था। हर सुबह मंदिर की घंटियाँ बजते ही...
मोक्ष की तलाश मैं अपने बीमार और वृद्ध पिता को काशी के मुक्ति भवन ले जा रहा था। मन में एक ही उम्मीद थी—शायद वहाँ जाकर उनका जल्दी देहांत हो जाए। ऐसा नहीं था कि मैं वहाँ जाना चाहता था।...
मजिस्ट्रेट का दूरदर्शी निर्णय स्वामी से अलग होने की ज़िद लेकर एक महिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुई। पति भी भयभीत अवस्था में उपस्थित हुआ। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनकर मजिस्ट्रेट महोदया ने सिर पकड़ लिया। सिरदर्द की...
नौकरी, हमारा पूरा जीवन नहीं है राघव हर सुबह सबसे पहले ऑफिस पहुँचता था और सबसे आख़िर में निकलता था। उसे लगता था कि जितना ज़्यादा समय वह काम को देगा, उतना ही सफल होगा। धीरे-धीरे उसकी ज़िंदगी का हर...
मोह का बंधन बहुत समय पहले की बात है। एक राज्य में रघुवीर सिंह नाम का राजा राज करता था। वह बहुत बुद्धिमान था, लेकिन उसे अपने खजाने पर बड़ा गर्व था। उसने वर्षों की मेहनत से अपार धन-संपत्ति इकट्ठा...
कर्म से भाग्य बदल जाता है जब भगवान् श्री कृष्ण ने सुदामा जी को तीनों लोकों का स्वामी बना दिया तो, सुदामा जी की संपत्ति देखकर यमराज से रहा न गया और यम भगवान् को नियम कानूनों का पाठ पढ़ाने...
बर्फ का टुकड़ा, रिश्तों की गर्माहट नगर के एक शांत मोहल्ले में किशोरी देवी अपने बेटे और बहू प्रमिला के साथ रहती थीं। किशोरी देवी का स्वभाव बहुत सरल और दयालु था। वे मानती थीं कि पड़ोसी केवल आसपास रहने...