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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-45

जय श्री राधे कृष्ण ……. जुगुति विभीषन सकल सुनाई, चलेउ पवन सुत बिदा कराई, करि सोइ रुप गयउ पुनि तहवां, बन अशोक सीता रह जहवां….!! भावार्थ:- विभीषण ने (माता के दर्शन की) सब युक्तियां (उपाय) कह सुनाईं। तब हनुमान जी...

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परमात्मा  का पुरस्कार

परमात्मा  का पुरस्कार एक बहुत अरबपति महिला ने एक गरीब चित्रकार से अपना चित्र बनवाया, पोट्रट बनवाया। चित्र बन गया, तो वह अमीर महिला अपना चित्र लेने आयी। वह बहुत खुश थी। चित्रकार से उसने कहा, कि क्या उसका पुरस्कार...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-44

जय श्री राधे कृष्ण ……. पुनि सब कथा बिभीषन कही, जेहि बिधि जनकसुता तहं रही, तब हनुमंत कहा सुनु भ्राता, देखी चहउँ जानकी माता ….!! भावार्थ:- फिर विभीषण जी ने श्री जानकी जी जिस प्रकार वहां (श्रीलंका में) रहती थीं,...

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श्री हनुमान जी और बाली युद्ध की कथा

श्री हनुमान जी और बाली युद्ध की कथा कथा का आरंभ तब का है,,,जब बाली को ब्रम्हा जी से ये वरदान प्राप्त हुआ,,की जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा,,उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी,,और इससे...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-43

जय श्री राधे कृष्ण ……. जानत हूं अस स्वामि बिसारी, फिरहि ते काहे न होहि दुखारी, एहि बिधि कहत राम गुन ग्रामा, पावा अनिर्बाच्य विश्रामा…..!! भावार्थ:- जो जानते हुए भी ऐसे स्वामी श्री रघुनाथ जी को भुलाकर (विषयों के पीछे)...

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सुखी जीवन का मूल मंत्र- सहनशीलता

सुखी जीवन का मूल मंत्र- सहनशीलता जापान के सम्राट यामातो का एक राज्य मंत्री था--- ओ-चो-सान…..उसका परिवार सौहार्द्रता  के लिए बड़ा प्रसिद्ध था……यद्यपि उसके परिवार में लगभग एक हज़ार  सदस्य थे,,,, पर उसके बीच एकता का अटूट संबंध स्थापित था….सभी...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-42

जय श्री राधे कृष्ण ……. अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर, कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर.. !! भावार्थ:- हे सखा! सुनिये, मैं ऐसा अधम हूँ, पर श्री राम चन्द्र जी ने तो मुझ पर भी कृपा...

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हर बड़ी कामयाबी समय मांगती है, इसलिए धैर्य का साथ कभी नहीं छोड़े

हर बड़ी कामयाबी समय मांगती है, इसलिए धैर्य का साथ कभी नहीं छोड़े !  गंगा जी को पृथ्वी पर लाने के लिए,राजा सगर फिर अंशुमान फिर दिलीप जी ने तपस्या की और वो असफल हुएं तब श्री दिलीप जी के...

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सुविचार-सुन्दरकाण्ड-41

जय श्री राधे कृष्ण ……. कहहु कवन मैं परम कुलीना, कपि चंचल सबहीं बिधि हीना, प्रात लेइ जो नाम हमारा, तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा….!! भावार्थ:- भला कहिये, मै ही कौन बड़ा कुलीन हूँ ? (जाति का) चंचल वानर...

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