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वह राम है…

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वह राम है…

रावण राम का शत्रु था, लेकिन कभी-कभी शत्रु भी ऐसी बात कह जाता है, जो जीवन भर के लिए सीख बन जाती है। कहा जाता है कि एक बार रावण ने हनुमान से कहा—उस पूरी वानर सेना में जो सबसे शांत खड़ा दिखाई दे, समझ लेना… वह राम है।”

हनुमान ने आश्चर्य से पूछा—“शांत तो कोई भी खड़ा हो सकता है। इसमें राम की क्या विशेषता हुई?”

रावण कुछ क्षण मौन रहा, फिर बोला—नहीं हनुमान… बात इतनी सरल नहीं है।

अच्छी परिस्थितियों में शांत रहना कोई बड़ी बात नहीं। जब सब कुछ हमारे मन के अनुसार हो, जब अपने साथ हों, जब जीवन में कोई चिंता न हो… तब तो हर कोई मुस्कुरा सकता है, हर कोई धैर्य रख सकता है।”

फिर रावण ने कहा—लेकिन उस व्यक्ति को देखना, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने भीतर का संतुलन नहीं खोता।”

“जिसे चौदह वर्षों का वनवास मिला हो…

जिसे अपना राजपाट छोड़ना पड़ा हो…

जिसे अपनी प्रिय अयोध्या से दूर जंगलों की राह पकड़नी पड़ी हो…

जिसकी पत्नी का छलपूर्वक हरण कर लिया गया हो…

जिसके सामने एक विशाल युद्ध खड़ा हो…

जिसके पास दुख मनाने के हजार कारण हों…

फिर भी जिसके चेहरे पर क्रोध से ज्यादा धैर्य,

शिकायत से ज्यादा विश्वास,

और निराशा से ज्यादा आशा हो…”

रावण ने कहा—अगर इन सबके बाद भी कोई व्यक्ति शांत खड़ा रह सके,

अपने कर्तव्य से विचलित न हो,

अपने मन में किसी के प्रति द्वेष न रखे

और कठिनाइयों के बीच भी मुस्कुराता रहे…

तो वह कोई साधारण मनुष्य नहीं हो सकता।”

वह राम है।”

राम इसलिए महान नहीं थे कि उनके जीवन में कभी दुख नहीं आया। राम इसलिए महान थे क्योंकि दुख उनके जीवन में आया, लेकिन उनके भीतर नहीं उतर पाया।

उन्होंने वनवास को अभिशाप नहीं, कर्तव्य माना।

वियोग को कमजोरी नहीं, धैर्य बनाया।

संघर्ष को दुर्भाग्य नहीं, धर्म का मार्ग माना।

और शायद यही राम होने की सबसे बड़ी पहचान है—जब जीवन तुम्हें तोड़ने के सौ कारण दे, फिर भी तुम अपने भीतर की शांति को बचाए रखो।

जब अपने दूर हो जाएँ, फिर भी प्रेम बचा रहे।

जब रास्ते कठिन हो जाएँ, फिर भी विश्वास बना रहे।

जब परिस्थितियाँ तुम्हारे विरुद्ध हों, फिर भी तुम्हारा चरित्र तुम्हारे साथ खड़ा रहे।

क्योंकि…शांत रहना तब आसान है, जब जीवन तुम्हारे पक्ष में हो। लेकिन जब सब कुछ छिन जाए, और फिर भी चेहरे पर मुस्कान, हृदय में करुणा, मन में विश्वास और कदमों में धर्म बना रहे… तो समझ लेना—वह कोई साधारण इंसान नहीं, वह राम है। 🙏🚩

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जय श्रीराम

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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