तप का प्रभाव
तप का प्रभाव एक बार पृथ्वी पर जल-वृष्टि न होने के कारण चारों ओर अकाल फैला हुआ था| सरिता, ताल-तलैया और सरोवर सूख गए थे । कुओं में भी पानी नहीं रह गया था । कहीं भी हरियाली देखने को...
तप का प्रभाव एक बार पृथ्वी पर जल-वृष्टि न होने के कारण चारों ओर अकाल फैला हुआ था| सरिता, ताल-तलैया और सरोवर सूख गए थे । कुओं में भी पानी नहीं रह गया था । कहीं भी हरियाली देखने को...
जय श्री राधे कृष्ण ……. *पिता कभी नहीं कहते कि मेरे पास पैसे नहीं है और मांँ कभी नहीं कहती कि आज मेरी तबियत खराब है बस इन्हीं दो झूठ की वजह से दुनियां इतनी सुंदर बनीं हुई है…!! सुप्रभात...
जय श्री राधे कृष्ण ……. जौं रघुबीर अनुग्रह कीन्हा, तौ तुम्ह मोहि दरसु हठि दीन्हा, सुनहु बिभीषन प्रभु कै रीती, करहिं सदा सेवक पर प्रीती….!! भावार्थ:- जब श्री रघुवीर ने कृपा की है, तभी तो आपने मुझे हठ करके (अपनी...
चरण स्पर्श चरण स्पर्श करने का वैज्ञानिक रहस्य जान जाओगे तो प्रतिदिन अपने बच्चों को यह सीख दोंगे। अपने से बड़ों का अभिवादन करने के लिए चरण छूने की परंपरा सदियों से रही है। भारतीय संस्कृति में अपने से बड़े...
जय श्री राधे कृष्ण ……. तामस तनु कछु साधन नाहीं, प्रीति न पद सरोज मन माहीं, अब मोहि भा भरोस हनुमंता बिनु हरि कृपा मिलहि नहि संता…..!! भावार्थ:- मेरा तामसी (राक्षस) शरीर होने से साधन तो कुछ बनता नहीं, और...
सकारात्मक" अभ्यास.... एक महिला और उसका पति एक सर्कस में काम करते थे। महिला स्टेज में एक जगह खड़ी हो जाती थी और पति बिना देखे (आंख पर पट्टी बांधकर) तीर उसकी ओर मारता था जिससे उसके चारो ओर तीरों...
जय श्री राधे कृष्ण ……. सुनहु पवनसुत रहनि हमारी, जिमि दसनन्हि महुँ जीभ बिचारी, तात कबहु मोहि जानि अनाथा, करिहहिं कृपा भानुकुल नाथा…..!! भावार्थ:- विभीषण जी ने कहा, हे पवनपुत्र, मेरी रहनी सुनो । मैं यहां वैसे ही रहता हूँ,...
पिता का स्वरुप एक बार गणेश जी ने भगवान शिव जी से कहा,पिता जी ! आप यह चिता भस्म लगा कर मुण्डमाला धारण कर अच्छे नहीं लगते, मेरी माता गौरी अपूर्व सुन्दरी औऱ आप उनके साथ इस भयंकर रूप में...
जय श्री राधे कृष्ण ……. तब हनुमंत कही सब राम कथा निज नाम, सुनत जुगल तन पुलक मन मगन सुमिरि गुन ग्राम….!! भावार्थ:- तब हनुमान जी ने श्री रामचंद्र जी की सारी कथा कह कर अपना नाम बताया । सुनते...
विपत्ति में भाइयों का साथ जब ये लोग खेलते थे तो लक्ष्मण राम की तरफ उनके पीछे होता था और सामने वाले पाले में भरत और शत्रुघ्न होते थे। तब लक्ष्मण हमेशा भरत को बोलते कि राम भैया सबसे ज्यादा...