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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-42

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जय श्री राधे कृष्ण …….

अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर, कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर.. !!

भावार्थ:- हे सखा! सुनिये, मैं ऐसा अधम हूँ, पर श्री राम चन्द्र जी ने तो मुझ पर भी कृपा ही की है। भगवान के गुणों का स्मरण करके हनुमान जी के दोनों नेत्रों में (प्रेमाश्रुओं का) जल भर आया ..!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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