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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-193

जय श्री राधे कृष्ण ……. "समुझत जासु दूत कइ करनी, स्त्रवहिं गर्भ रजनीचर घरनी, तासु नारि निज सचिव बोलाई, पठवहु कंत जो चहहु भलाई|| भावार्थ:- जिनके दूत की करनी का विचार करते ही (स्मरण आते ही) राक्षसों की स्त्रियों के...

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नौतपा

धार्मिक दृष्टि से जानें क्यों होती है नौतपा की शुरुआत? हिंदू धर्म में नौतपा को काफी अधिक महत्वपूर्ण माना जाता...

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