सुविचार-सुन्दरकाण्ड-193
जय श्री राधे कृष्ण ……. "समुझत जासु दूत कइ करनी, स्त्रवहिं गर्भ रजनीचर घरनी, तासु नारि निज सचिव बोलाई, पठवहु कंत जो चहहु भलाई|| भावार्थ:- जिनके दूत की करनी का विचार करते ही (स्मरण आते ही) राक्षसों की स्त्रियों के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "समुझत जासु दूत कइ करनी, स्त्रवहिं गर्भ रजनीचर घरनी, तासु नारि निज सचिव बोलाई, पठवहु कंत जो चहहु भलाई|| भावार्थ:- जिनके दूत की करनी का विचार करते ही (स्मरण आते ही) राक्षसों की स्त्रियों के...
प्रभु के नाम महिमा एक बार वृन्दावन के मंदिर में एक संत अक्षय तृतीया के दिन "श्री बांके बिहारी" के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "रहसि जोरि कर पति पग लागी, बोली बचन नीति रस पागी, कंत करष हरि सन...
चुहिया का स्वयंवर गंगा नदी के तट पर कुछ तपस्वियों का आश्रम था जहाँ याज्ञवल्क्य नाम के ऋषि रहते थे।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "जासु दूत बल बरनि न जाई, तेहि आएँ पुर कवन भलाई, दूतिन्ह सन सुनि पुरजन...
शाश्वत सुख – शांति और सफलता का रहस्य एक बुजुर्ग किसान मनीराम के दो बेटे थे । नाम था संकल्प...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "उहाँ निसाचर रहहिं ससंका, जब तें जारि गयउ कपि लंका, निज निज गृह सब करहिं...
उत्तराखंड देवभूमि- पंच प्रयाग मां गंगा का सफर गौमुख से हरिद्वार तक ……….उत्तराखंड देवभूमि है। यहां पंच प्रयाग में दर्शन...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "एहि बिधि जाइ कृपानिधि उतरे सागर तीर, जहं तहं लागे खान फल भालु बिपुल कपि...
धार्मिक दृष्टि से जानें क्यों होती है नौतपा की शुरुआत? हिंदू धर्म में नौतपा को काफी अधिक महत्वपूर्ण माना जाता...