lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-198

जय श्री राधे कृष्ण ……. "अस कहि बिहसि ताहि उर लाई, चलेउ सभा ममता अधिकाई, मंदोदरी हृदयँ कर चिंता, भयउ क़ंत पर बिधि बिपरीता ।। भावार्थ:- रावण ने ऐसा कह कर हँस कर उसे हृदय से लगा लिया और ममता...

Stories

खुशी…

खुशी... तुर्की के एक प्रसिद्ध कवि ने अपने नामचीन चित्रकार मित्र से अनुरोध किया वह 'खुशी' पर एक पेन्टिंग बनायें।...

Stories

अपनी गठरी टटोलें

अपनी गठरी टटोलें दो आदमी यात्रा पर निकले! दोनों की मुलाकात हुई, दोनों का गंतव्य एक था तो दोनों यात्रा...

Stories

कर्म

कर्मजिस प्रकार कर्म जीवन का स्वभाव है। उसी प्रकार कर्म फल का भोग भी जीवन की अनिवार्यता है। मनुष्य जिस...

1 … 168 169 170 … 300
Page 169 of 300