सुविचार-सुन्दरकाण्ड-188
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सहि सक न भार उदार अहिपति बार बारहिं मोहई, गह दसन पुनि पुनि कमठ पृष्ठ कठोर सो किमि सोहई, रघुबीर रुचिर प्रयान प्रस्थिति जानि परम सुहावनी, जनु कमठ खर्पर सर्पराज सो लिखत अबिचल पावनी ।।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सहि सक न भार उदार अहिपति बार बारहिं मोहई, गह दसन पुनि पुनि कमठ पृष्ठ कठोर सो किमि सोहई, रघुबीर रुचिर प्रयान प्रस्थिति जानि परम सुहावनी, जनु कमठ खर्पर सर्पराज सो लिखत अबिचल पावनी ।।...
पेइंग गेस्ट वाली माँवो चुपचाप पढ़ता रहता है, ज्यादा बातें नहीं करता। आगे का छोटा कमरा दे रखा है हमने।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "चिक्करहिं दिग्गज डोल महि गिरि लोल सागर खर भरे, मन हरष सभ गंधर्ब सुर मुनि...
जब तक जिंदा हूं तब तक घूमना चाहती हूं चेन्नई सफ़र के दौरान विजयवाड़ा में जब मेरे केबिन से सब...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "नख आयुध गिरि पादपधारी, चले गगन महि इच्छाचारी, केहरिनाद भालु कपि करहीं, डगमगाहिं दिग्गज चिक्करहीं...
सबसे कीमती भाव एक बार किसी गांव में महात्मा बुध्द का आगमन हुआ। सब इस होड़ में लग गये कि...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "जोइ जोइ सगुन जानकिहि होई, असगुन भयउ रावनहि सोई, चला कटकु को बरनैं पारा, गर्जहिं...
वृद्धाश्रम वृद्धाश्रम के दरवाजे पर रोज एक कार आकर लगती थी। उस कार में से एक नौजवान उतरता और एक...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "जासु सकल मंगलमय कीती, तासु पयान सगुन यह नीती, प्रभु पयान जाना बैदेहीं, फरकि बाम...
सीनियर सिटीजन शादीलाल जी की समस्या कल 90 वर्षीय शादीलाल जी वॉयलेट लाइन मेट्रो में अकेले सफर करते मिले। सीनियर...