प्रेम कि पराकाष्ठा- नाच उठे बजरंगी
प्रेम कि पराकाष्ठा- नाच उठे बजरंगी एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा हुआ है बैठ गए शीश झुकाए, सीता जी ने पूछा उनसे कहो लाडले बात क्या है, किस कारण ये छाई...
प्रेम कि पराकाष्ठा- नाच उठे बजरंगी एक दिन हनुमानजी जब सीता जी की शरण में आए, नैनों में जल भरा हुआ है बैठ गए शीश झुकाए, सीता जी ने पूछा उनसे कहो लाडले बात क्या है, किस कारण ये छाई...
चमत्कार छोटी मनु ने गुल्लक से सब सिक्के निकाले और उनको बटोर कर जेब में रख लिया, निकल पड़ी घर से - पास ही केमिस्ट की दुकान थी उसके जीने धीरे धीरे चढ़ गयी । वो काउंटर के सामने खड़े...
मानसिक भाव एक ब्राह्मण- वह एक महान भक्त था… वह मंदिर की पूजा में बहुत शानदार सेवा पेश करना चाहता था, लेकिन उसके पास धन नहीं था ! एक दिन की बात है वह एक भागवत पाठ में बैठा हुआ...
गाय का ममत्वपूर्ण व्यवहार एक बार मध्यप्रदेश के इन्दौर नगर में एक रास्ते से ‘महारानी देवी अहिल्यावाई होल्कर के पुत्र मालोजीराव’ का रथ निकला तो उनके रास्ते में हाल ही की जनी गाय का एक बछड़ा सामने आ गया। गाय...
40 बसन्त के बाद अपना कोई शौक ज़िन्दा रखे। आँखे बंद करके, फ़िल्म थ्री इडियट्स का हॉस्पिटल वाला वो सीन देखने की कोशिश करे जिसमे वो संवाद है, की 50 साल बाद, बूढ़ा होकर किसी ऐसे ही हॉस्पिटल में तु...
पण्डित देवीदीन पाण्डे 174000 लाशे गिरी थीं ...700 मुगलों को अपने हाथों से काटने वाले योद्धा……यह थे श्रीराम मंदिर रक्षक पण्डित देवीदीन पाण्डे। पंडित देवीदीन जो सनेथू गांव अयोध्या के रहने वाले थे, जिनका जन्म सर्यूपारीण ब्राह्मण परिवार में हुआ...
परमात्मा का पुरस्कार एक बहुत अरबपति महिला ने एक गरीब चित्रकार से अपना चित्र बनवाया, पोट्रट बनवाया। चित्र बन गया, तो वह अमीर महिला अपना चित्र लेने आयी। वह बहुत खुश थी। चित्रकार से उसने कहा, कि क्या उसका पुरस्कार...
श्री हनुमान जी और बाली युद्ध की कथा कथा का आरंभ तब का है,,,जब बाली को ब्रम्हा जी से ये वरदान प्राप्त हुआ,,की जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा,,उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी,,और इससे...
सुखी जीवन का मूल मंत्र- सहनशीलता जापान के सम्राट यामातो का एक राज्य मंत्री था--- ओ-चो-सान…..उसका परिवार सौहार्द्रता के लिए बड़ा प्रसिद्ध था……यद्यपि उसके परिवार में लगभग एक हज़ार सदस्य थे,,,, पर उसके बीच एकता का अटूट संबंध स्थापित था….सभी...
हर बड़ी कामयाबी समय मांगती है, इसलिए धैर्य का साथ कभी नहीं छोड़े ! गंगा जी को पृथ्वी पर लाने के लिए,राजा सगर फिर अंशुमान फिर दिलीप जी ने तपस्या की और वो असफल हुएं तब श्री दिलीप जी के...