जो चाहोगे सो पाओगे
जो चाहोगे सो पाओगे एक साधु था, वह रोज घाट के किनारे बैठ कर चिल्लाया करता था, ”जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे।” बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नही...
जो चाहोगे सो पाओगे एक साधु था, वह रोज घाट के किनारे बैठ कर चिल्लाया करता था, ”जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे।” बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नही...
जिंदगी बहुत ख़ूबसूरत है एक व्यक्ति ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहा था। ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गई। ऑटो ड्राइवर ने तेजी से ब्रेक लगाया...
छोटा न समझें किसी भी काम को एक बार भगवान अपने एक निर्धन भक्त से प्रसन्न होकर उसकी सहायता करने उसके घर साधु के वेश में पधारे। उनका यह भक्त जाति से चर्मकार था और निर्धन होने के बाद...
मकड़ी की कहानी शहर के एक बड़े संग्रहालय (Museum) के बेसमेंट में कई पेंटिंग्स रखी हुई थी । ये वे पेंटिंग्स थीं, जिन्हें प्रदर्शनी कक्ष में स्थान नहीं मिला था। लंबे समय से बेसमेंट में पड़ी पेंटिंग्स पर मकड़ियों ने...
जब सब कुछ जल गया, तब कृपा बरस पड़ी संत नामदेव जी भगवान के ऐसे अनन्य भक्त थे, जिनका मन हर समय अपने ठाकुर जी के चरणों में लगा रहता था। संसार की वस्तुओं से उन्हें कोई विशेष मोह नहीं...
परिवार पर विश्वास एक छोटे से कस्बे में राजवीर सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी सावित्री, बेटा मोहित और बेटी नेहा थी। राजवीर सिंह मेहनती थे, लेकिन स्वभाव से थोड़े कठोर थे। जब भी घर...
एक राखी, जो आखिरी निशानी बन गई रक्षाबंधन का दिन था। बहन हर साल की तरह भाई की कलाई पर राखी बाँधने के लिए मायके आई। भाई ने मुस्कुराते हुए कहा,“बहन, इस बार क्या चाहिए?” बहन ने हँसकर कहा,“कुछ नहीं…...
हार-जीत का फैसला बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ में निर्णायक थीं- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार- जीत का निर्णय होना बाक़ी था,...
समझदार बहु सास किसी काम से बाहर गई थी। घर मे बहु को अकेले देखकर पड़ोसन आ धमकी। आते ही बोली" बहु तुम्हारी सास दिखाई नही दे रही। कहाँ गई है?" बहु बोली" माँजी तो बाजार गई है" पड़ोसन बोली...
एक दूसरे का सहयोग एक बार परमपिता परमात्मा ने सभी को भोजन के लिए निमन्त्रण दिया। भोजन में 56 प्रकार के पकवान और 108 प्रकार के फल आदि रखे हुए थे। जिनको निमन्त्रण मिला सारे लोग तमो गुणी संस्कार वाले...