किरात अवतार की वो कथा जब पांडव वनवास में थे
किरात अवतार की वो कथा जब पांडव वनवास में थे जब पांडव वनवास में थे तब एक दिन अर्जुन ने निर्णय लिया कि हिमालय पर जाकर तपस्या करनी चाहिए और देवाधिदेव शिव को प्रसन्न कर वरदान में कुछ दिव्य अस्त्र-शस्त्र...
किरात अवतार की वो कथा जब पांडव वनवास में थे जब पांडव वनवास में थे तब एक दिन अर्जुन ने निर्णय लिया कि हिमालय पर जाकर तपस्या करनी चाहिए और देवाधिदेव शिव को प्रसन्न कर वरदान में कुछ दिव्य अस्त्र-शस्त्र...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जे पद जनकसुताँ उर लाए, कपट कुरंग संग धर धाए, हर उर सर सरोज पद जेई, अहोभाग्य मैं देखिहऊँ तेई ।। भावार्थ:- जिन चरणों को जानकी जी ने हृदय में धारण कर रखा है, जो...
एक CCTV ऊपर भी लगा है... सावधान! आप सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर एक न्यायालय के सीसीटीवी कैमरे की निगाह में हैं । (न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र और कुलिया डाकू) कुछ साल पहले, जब न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा भारत के सर्वोच्च न्यायालय...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "देखिहउँ जाइ चरन जलजाता, अरुन मृदुल सेवक सुखदाता, जे पद परसि तरी रिषिनारी, दंडक कानन पावनकारी ।। भावार्थ:- (वे सोचते जाते थे) मैं जाकर भगवान के कोमल और लाल वर्ण के सुंदर चरण कमलों के...
मेरी सबसे बड़ी ख्वाइश वह प्राइमरी स्कूल की टीचर थी । सुबह उसने बच्चो का टेस्ट लिया था और उनकी कॉपिया जाचने के लिए घर ले आई थी । बच्चो की कॉपिया देखते देखते उसके आंसू बहने लगे । उसका...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रावन जबहिं बिभीषन त्यागा, भयउ बिभव बिनु तबहिं अभागा, चलेउ हरषि रघुनायक पाहीं, करत मनोरथ बहु मन माहीं ।। भावार्थ:- रावण ने जिस क्षण बिभीषण को त्यागा, उसी क्षण वह अभागा वैभव (ऐश्वर्य) से हीन...
प्रभु प्रेम उड़ीसा में बैंगन बेचनेवाले की एक बालिका थी । दुनिया की दृष्टि से उसमें कोई अच्छाई नहीं थी | न धन था, न रूप । किन्तु दुनिया की दृष्टिसे नगण्य उस बालिका को संत जयदेव गोस्वामी जी का...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अस कहि चला बिभीषनु जबहीं, आयू हीन भए सब तबहीं, साधु अवग्या तुरत भवानी, कर कल्यान अखिल कै हानी ।। भावार्थ:- ऐसा कह कर विभीषण जी ज्यों ही चले, त्यों ही सब राक्षस आयु हीन...
ईश्वर की शक्ति एक बार मैं कॉलेज से ऑटो ली घर जाने को। ऑटो वाले ने मुझे कदमा मार्केट में ही उतार दिया। बोला, माफ करना मैडम ऑटो का पेट्रोल खत्म हो गया हैं। आप अंदर से कोई रिक्शा कर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सचिव संग लै नभ पथ गयऊ, सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ ।। भावार्थ:- (इतना कह कर) विभीषण अपने मंत्रियों को साथ लेकर आकाश मार्ग में गए और सबको सुना कर वे ऐसा कहने लगे।। दो....