सुविचार-सुन्दरकाण्ड-136
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बाजहिं ढोल देहिं सब तारी, नगर फेरि पुनि पूँछ प्रजारी, पावक जरत देखि हनुमंता, भयहु परम लघु रूप तुरंता ।। भावार्थ:- ढोल बजते हैं, सब लोग तालियाँ पीटते हैं । हनुमान जी को नगर में...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बाजहिं ढोल देहिं सब तारी, नगर फेरि पुनि पूँछ प्रजारी, पावक जरत देखि हनुमंता, भयहु परम लघु रूप तुरंता ।। भावार्थ:- ढोल बजते हैं, सब लोग तालियाँ पीटते हैं । हनुमान जी को नगर में...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "रहा न नगर बसन घृत तेला, बाढ़ी पूँछ कीन्ह कपि खेला, कौतुक कँह आए पुरबासी,...
लव-कुश-द्वारा-हनुमानजी को बंदी बनाना श्रीरामश्वमेध का अश्व भ्रमण करता हुआ महर्षि वाल्मीकि के पुनीत आश्रम के समीप पहुंचा| प्रातःकाल का...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बचन सुनत कपि मन मुसुकाना,भाई सहाय सारद मैं जाना, जातुधान सुनि रावन बचना, लागे रचैं...
यमराज और डाकू एक साधु व डाकू यमलोक पहुंचे। डाकू ने यमराज से दंड मांगा और साधु ने स्वर्ग की...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "पूंछहीन बानर तह जाइहि, तब सठ निज नाथहि लइ आइहि, जिन्ह कै कीन्हिसि बहुत बडा़ई,...
चरित्र की असलियत:-तोते की राम राम कब तक? राजा भोज के दरबार में एक विद्वान आए। वे अनेक भाषाऐं धारा...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनत बिहसि बोला दशकंधर, अंग भंग करि पठइअ बंदर ।। भावार्थ:- यह सुनते ही रावण...
होनी प्रबल है उसे कोई टाल नहीं सकता.. अभिमन्यु के पुत्र ,राजा परीक्षित थे। राजा परीक्षित के बाद उनके लड़के...