सुविचार-सुन्दरकाण्ड-251
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनहु सखा निज कहउँ सुभाऊ, जान भुसुंडि संभु गिरिजाऊ, जौं नर होइ चराचर द्रोही, आवै सभय सरन तकि मोही ।। भावार्थ:- (श्री राम जी ने कहा) हे सखा! सुनो, मैं तुम्हें अपना स्वभाव कहता हूँ,...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनहु सखा निज कहउँ सुभाऊ, जान भुसुंडि संभु गिरिजाऊ, जौं नर होइ चराचर द्रोही, आवै सभय सरन तकि मोही ।। भावार्थ:- (श्री राम जी ने कहा) हे सखा! सुनो, मैं तुम्हें अपना स्वभाव कहता हूँ,...
एक एहसास एक प्रेमी-युगल शादी से पहले काफी हँसी-मजाक और नोक-झोंक किया करते थे। शादी के बाद उनमें छोटी छोटी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज, देखेउँ नयन बिरंचि सिव सेब्य जुगल पद...
कृष्ण और रामनाम महिमा कृष्ण और रामनाम की शक्ति व महिमा इतनी अगाध है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मैं निसिचर अति अधम सुभाऊ, सुभ आचरनु कीन्ह नहिं काऊ, जासु रुप मुनि ध्यान न...
सबसे कठिन दायित्व.. कन्हैया! इतनी देर क्यों लगा दी सखा? तब आये जब मैं पराजित हो गयी थी?……--तुमने बुलाया ही...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अब मैं कुसल मिटे भय भारे, देखि राम पद कमल तुम्हारे, तुम्ह कृपाल जा पर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "ममता तरुन तमी अँधिआरी, राग द्वेष उलूक सुखकारी, तब लगि बसति जीव मन माहीं, जब...
प्रार्थना की शक्ति एक व्यक्ति गाड़ी से उतरा… और बड़ी तेज़ी से एयरपोर्ट में घुसा, जहाज़ उड़ने के लिए तैयार...