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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-162

जय श्री राधे कृष्ण ……. "चलत मोहि चूड़ामणि दीन्ही, रघुपति हृदयँ लाइ सोइ लीन्ही, नाथ जुगल लोचन भरि बारी, बचन कहे कछु जनक कुमारी ।। भावार्थ:- चलते समय उन्होंने मुझे चूड़ामणि (उतार कर) दी । श्री रघुनाथ जी ने उसे...

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बूढ़ा पिता

बूढ़ा पिता  गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बेटे और बहु के साथ रहता था । परिवार सुखी संपन्न था...

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मायका और ससुराल

मायका और ससुराल "अरे सीमा तुमने मेहंदी नहीं लगाई, इस बार करवा चौथ पर तुम तो कितनी अच्छी मेहंदी लगाती...

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