lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-256

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनु लंकेस सकल गुन तोरें, तातें तुम्ह अतिसय प्रिय मोरें, राम बचन सुनि बानर जूथा, सकल कहहिं जय कृपा बरूथा ।। भावार्थ:- हे लंकापति ! सुनो, तुम्हारे अंदर उपर्युक्त सब गुण हैं। इससे तुम मुझे...

Stories

अच्छाई -बुराई

अच्छाई-बुराई एक बार बुरी आत्माओं ने भगवान से शिकायत की कि उनके साथ इतना बुरा व्यवहार क्यों किया जाता है,...

Stories

तारा की वाणी

देवी तारा की वाणी सुग्रीव की गर्जना सुनकर वाली का युद्ध के लिये निकलना और तारा का उसे रोककर सुग्रीव...

1 … 156 157 158 … 299
Page 157 of 299