सुविचार-सुन्दरकाण्ड-293
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तासु बचन सुनि सागर पाहीं, मागत पंथ कृपा मन माहीं, सुनत बचन बिहसा दससीसा, जौं असि मति सहाय कृत कीसा ।। भावार्थ:- उनके (आपके भाई) के वचन सुन कर वे (श्री राम जी) समुद्र से...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तासु बचन सुनि सागर पाहीं, मागत पंथ कृपा मन माहीं, सुनत बचन बिहसा दससीसा, जौं असि मति सहाय कृत कीसा ।। भावार्थ:- उनके (आपके भाई) के वचन सुन कर वे (श्री राम जी) समुद्र से...
वाल्मीकि रामायण अयोध्या काण्ड- भाग 7 श्रीराम व लक्ष्मण को साथ ले महर्षि विश्वामित्र ने उत्तर दिशा की ओर प्रस्थान...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "राम तेज बल बुधि बिपुलाई, सेष सहस सत सकहिं न गाई, सक सर एक सोषि...
वाल्मीकि रामायण अयोध्या काण्ड- भाग 6 उन तीनों ने वह रात्रि ताटका वन में व्यतीत की। अगले दिन प्रातःकाल महर्षि...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सहज सूर कपि भालु सब पुनि सिर पर प्रभु राम, रावन काल कोटि कहुँ जीति...
वाल्मीकि रामायण - अयोध्या काण्ड- भाग 5 दशरथ जी ने श्रीराम को प्रसन्नतापूर्वक महर्षि विश्वामित्र को सौंप दिया। आगे-आगे विश्वामित्र,...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मर्दि गर्द मिलवहिं दससीसा, ऐसहि बचन कहहिं सब कीसा, गर्जहिं तर्जहिं सहज असंका, मानहुँ ग्रसन...
वाल्मीकि रामायण - अयोध्या काण्ड- भाग 4 महाराज! आप पुत्र के मोह को अपने कर्तव्य के बीच मत आने दीजिए।...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "परम क्रोध मीजहिं सब हाथा, आयसु पै न देहिं रघुनाथा, सोषहिं सिंधु सहित झष ब्याला,...
वाल्मीकि रामायण - अयोध्या काण्ड- भाग 3 यज्ञ में आए सभी देवताओं ने ब्रह्माजी से प्रार्थना की कि वे किसी...