सुविचार-सुन्दरकाण्ड-288
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अस मैं सुना श्रवन दसकंधर, पदुम अठारह जूथप बंदर, नाथ कटक महँ सो कपि नाहीं, जो न तुम्हहि जीतै रन माहीं ।। भावार्थ:- हे दशग्रीव! मैंने कानों से ऐसा सुना है कि अठारह पद्म तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अस मैं सुना श्रवन दसकंधर, पदुम अठारह जूथप बंदर, नाथ कटक महँ सो कपि नाहीं, जो न तुम्हहि जीतै रन माहीं ।। भावार्थ:- हे दशग्रीव! मैंने कानों से ऐसा सुना है कि अठारह पद्म तो...
वाल्मीकि रामायण - अयोध्या काण्ड- भाग 2 महाराज दशरथ इस बात से हमेशा दुःखी और चिंतित रहते थे कि उनका...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "कपि सब सुग्रीव समाना, इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना, राम कृपा अतुलित बल तिन्हहीं,...
वाल्मीकि रामायण -अयोधया काण्ड- भाग 1 आज से आनंद लीजिए वाल्मीकि रामायण का । सरयू नदी के किनारे पर कोसल...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "द्विबिद मयंद नील नल अंगद गद बिकटासि, दधिमुख केहरि निसठ सठ जामवंत बलरासि ।। भावार्थ:-...
सफलता का कोई लघुपथ (शार्टकट) सफलता का कोई लघुपथ (शार्टकट) नहीं होता . पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्में एक बहुत...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जेहिं पुर दहेउ हतेउ सुत तोरा, सकल कपिन्ह महँ तेहि बलु थोरा, अमित नाम भट...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "पूँछिहु नाथ राम कटकाई, बदन कोटि सत बरनि न जाई, नाना बरन भालु कपि धारी,...
जीवन का पासवर्डवह मेरे आफिस के दिन की एक साधारण शुरुआत थी ,जब मैं अपने आफिस के कंप्यूटर के सामने...