वाल्मीकि रामायण भाग 12
वाल्मीकि रामायण भाग 12 वहाँ पास ही दूसरी छत पर उसने श्रीराम की धाय(धाय अर्थात माता) को देखा। उसका मुख प्रसन्नता से खिला हुआ था। उसने पीले रंग की रेशमी साड़ी पहनी हुई थी। उसे देखकर मन्थरा ने पूछा, “धाय!...
वाल्मीकि रामायण भाग 12 वहाँ पास ही दूसरी छत पर उसने श्रीराम की धाय(धाय अर्थात माता) को देखा। उसका मुख प्रसन्नता से खिला हुआ था। उसने पीले रंग की रेशमी साड़ी पहनी हुई थी। उसे देखकर मन्थरा ने पूछा, “धाय!...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "बातन्ह मनहि रिझाइ सठ जनि घालसि कुल खीस, राम बिरोध न उबरसि सरन बिष्नु अज...
वाल्मीकि रामायण भाग 11भरत जी अपने मामा के साथ जाते समय भाई शत्रुघ्न को भी साथ ले गए थे। उनके...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "*रामानुज दीन्हीं यह पाती, नाथ बचाइ जुडा़वहु छाती, बिहसि बाम कर लिन्हीं रावन, सचिव बोलि...
वाल्मीकि रामायण अयोध्या काण्ड- भाग 10 महाराज दशरथ जी के चारों पुत्रों एवं वधुओं के स्वागत् में पूरी अयोध्यापुरी को...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सचिव सभीत बिभीषन जाकें, बिजय बिभूति कहाँ जग ताकें, सुनि खल बचन दूत रिस बाढ़ी,...
वाल्मीकि रामायण अयोध्या काण्ड- भाग 9 मिथिला में विवाह की बातचीत तय हो ही रही थी कि भरत के मामा...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सहज भीरु कर बचन दृढा़ई, सागर सन ठानी मचलाई, मूढ़ मृषा का करसि बड़ाई, रिपु...
वाल्मीकि रामायण अयोध्या काण्ड- भाग 8 जनक जी की बात सुनकर महर्षि विश्वामित्र बोले, “राजन्! आप श्रीराम को अपना वह...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तासु बचन सुनि सागर पाहीं, मागत पंथ कृपा मन माहीं, सुनत बचन बिहसा दससीसा, जौं...