सुविचार-सुन्दरकाण्ड-104
जय श्री राधे कृष्ण ……. अति बिसाल तरु एक उपारा, बिरथ कीन्ह लंकेश कुमारा, रहे महाभट ताके संगा, गहि गहि कपि मर्दइ निज अंगा!! भावार्थ:- उन्होंने एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़ लिया और (उस के प्रहार से) लंकेश्वर रावण के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. अति बिसाल तरु एक उपारा, बिरथ कीन्ह लंकेश कुमारा, रहे महाभट ताके संगा, गहि गहि कपि मर्दइ निज अंगा!! भावार्थ:- उन्होंने एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़ लिया और (उस के प्रहार से) लंकेश्वर रावण के...
सुपरहीरो "सर कुछ काम नहीं है तो आज मैं थोड़ा जल्दी निकल जाऊं ।" एक घंटे से कुर्सी पर बैठे घड़ी की सुइयां देख रहे रघु ने प्रकाश के कैबिन में घुसते हुए कहा । "यार रघु, बस ये फाइल...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "चला इंदजित अतुलित जोधा, बंधु निधन सुनि उपजा क्रोधा, कपि देखा दारुन भट आवा, कटकटाइ गर्जा अरु धावा!! भावार्थ:- इन्द्र को जीतने वाला अतुलनीय योद्धा मेघनाद चला । भाई का मारा जाना सुन उसे क्रोध...
अपने हिस्से का भाग्य . एक आदमी एक सेठ की दुकान पर नौकरी करता था। वह बेहद ईमानदारी और लगन से अपना काम करता था। उसके काम से सेठ बहुत प्रसन्न था और सेठ द्वारा मिलने वाली तनख्वाह से उस...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनि सुत बध लंकेश रिसाना, पठएसि मेघनाद बलवाना, मारसि जनि सुत बांधेसु ताही, देखिअ कपिहि कहाँ कर आही भावार्थ:- पुत्र का वध सुन कर रावण क्रोधित हो उठा और उसने (अपने जेष्ठ पुत्र) बलवान मेघनाद...
ई डी (ED) का खौफ एक सत्य कथा - मेरे एक मित्र ने शेयर की है…….दिल्ली एनसीआर के एक प्राइवेट फाइवस्टार हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने पेशेंट को तुरंत बायपास सर्जरी करवाने की सलाह दी.... पेशेंट बहुत नर्वस हो...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "कछु मारेसि कछु मर्देसि कछु मिलएसि धरि धूरि, कछु पुनि जाइ पुकारे प्रभु मर्कट बल भूरि!! भावार्थ:- उन्होंने सेना में से कुछ को मार डाला और कुछ को मसल डाला और कुछ को पकड़ -...
वफादारी -सत्य घटना बहादुर की उम्र अभी महज 10-12 साल ही थी परंतु घर की परिस्थितियों ने उसे एक छोटे से होटल पर काम करने को मजबूर कर दिया। एक चंचल सा बालक सारा दिन होटल पर काम करता और...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "पुनि पठयउ तेहिं अच्छकुमारा, चला संग लै सुभट अपारा, आवत देखि बिटप गहि तर्जा, ताहि निपाति महाधुनि गर्जा ।। भावार्थ:- फिर रावण ने अक्षय कुमार को भेजा । वह असंख्य श्रेष्ठ योद्धाओं को साथ ले...
सुमति एक बार किसी ने तुलसी दास जी से पूछा - महाराज! सम्पूर्ण रामायण का सार क्या है? क्या कोई चौपाई ऐसी है जिसे हम सम्पूर्ण रामायण का सार कह सकते हैं?.....तुलसी दास जी ने कहा - हाँ है और...