lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-104

205Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

अति बिसाल तरु एक उपारा, बिरथ कीन्ह लंकेश कुमारा, रहे महाभट ताके संगा, गहि गहि कपि मर्दइ निज अंगा!!

भावार्थ:- उन्होंने एक बहुत बड़ा वृक्ष उखाड़ लिया और (उस के प्रहार से) लंकेश्वर रावण के पुत्र मेघनाद को बिना रथ का कर दिया (रथ को तोड़ कर उसे नीचे पटक दिया) । उसके साथ जो बड़े – बड़े योद्धा थे, उनको पकड़ – पकड़ कर हनुमान जी अपने शरीर से मसलने लगे……!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply