lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-103

299Views

जय श्री राधे कृष्ण …….

चला इंदजित अतुलित जोधा, बंधु निधन सुनि उपजा क्रोधा, कपि देखा दारुन भट आवा, कटकटाइ गर्जा अरु धावा!!

भावार्थ:- इन्द्र को जीतने वाला अतुलनीय योद्धा मेघनाद चला । भाई का मारा जाना सुन उसे क्रोध हो आया । हनुमान जी ने देखा कि अब की बार भयानक योद्धा आया है, तब वे कटकटाकर गर्जे और दौड़े……!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

Leave a Reply