lalittripathi@rediffmail.com

Lalit Tripathi

Lalit Tripathi
2725 posts
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-259

जय श्री राधे कृष्ण ….. "अब कृपाल निज भगति पावनी, देहु सदा सिव मन भावनी, एवमस्तु कहि प्रभु रनधीरा, मागा तुरत सिंधु कर नीरा ।। भावार्थ:- अब तो हे कृपालु! शिव जी के मन को सदैव प्रिय लगने वाली अपनी...

Stories

“हार्टअटैक और विठ्ठल”

"हार्टअटैक और विठ्ठल" पूरे महाराष्ट्र में "श्रीविठ्ठल" की पूजा होती है। विठ्ठल के हाथ कमर पर होते हैं। पंढरपुर की विठ्ठल की मूर्ति को ध्यान से देखने पर हाथ की अंगुलियाँ ऊपर की ओर होती हैं। यदि इसे वैद्यकीय दृष्टिकोण...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-258

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनहु देव सचराचर स्वामी, प्रनतपाल उर अंतरजामी, उर कछु प्रथम बासना रही, प्रभु पद प्रीति सरित सो बही ।। भावार्थ:- (विभीषण जी ने कहा) हे देव! हे चराचर जगत के स्वामी ! हे शरणागत के...

Stories

सम्बन्धो मे हानि लाभ नहीं देखा जाता

सम्बन्धों में हानि लाभ नहीं देखा जाता विनोद हाईवे पर गाड़ी चला रहा था। सड़क के किनारे उसे एक 12-13 साल की लड़की तरबूज बेचती दिखाई दी। विनोद ने गाड़ी रोक कर पूछा "तरबूज की क्या रेट है बेटा? "...

Stories

मित्रता दिवस

मित्रता दिवस दुनिया के देश दो बार मित्रता दिवस मनाते हैं। भारत समेत बांग्लादेश, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश हर साल अगस्त के पहले रविवार को दोस्ती दिवस मनाते हैं। हालांकि अन्य कई देशों में...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-256

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनु लंकेस सकल गुन तोरें, तातें तुम्ह अतिसय प्रिय मोरें, राम बचन सुनि बानर जूथा, सकल कहहिं जय कृपा बरूथा ।। भावार्थ:- हे लंकापति ! सुनो, तुम्हारे अंदर उपर्युक्त सब गुण हैं। इससे तुम मुझे...

Stories

अच्छाई -बुराई

अच्छाई-बुराई एक बार बुरी आत्माओं ने भगवान से शिकायत की कि उनके साथ इतना बुरा व्यवहार क्यों किया जाता है, जबकी अच्छी आत्माएँ इतने शानदार महल में रहती हैं और हम सब खंडहरों में, आखिर ये भेदभाव क्यों है, जबकि...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-255

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सगुन उपासक परहित निरत नीति दृढ़ नेम, ते नर प्रान समान मम जिन्ह कें द्विज पद प्रेम ।। भावार्थ:- जो सगुण (साकार) भगवान के उपासक हैं, दूसरे के हित में लगे रहते हैं, नीति और...

Stories

तारा की वाणी

देवी तारा की वाणी सुग्रीव की गर्जना सुनकर वाली का युद्ध के लिये निकलना और तारा का उसे रोककर सुग्रीव और श्रीराम के साथ मैत्री कर लेने के लिये समझाना! उस समय अमर्षशील वाली अपने अन्तःपुर में था। उसने अपने...

1 129 130 131 273
Page 130 of 273