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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-

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जय श्री राधे कृष्ण …..

अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज, देखेउँ नयन बिरंचि सिव सेब्य जुगल पद कंज ।।

भावार्थ:– हे कृपा और सुख के पुंज श्री राम जी! मेरा अत्यंत असीम सौभाग्य है, जो मैंने ब्रह्मा और शिव जी के द्वारा सेवित युगल चरण कमलों को अपने नेत्रों से देखा…….!!

दीन दयाल बिरिदु संभारी ।
हरहु नाथ मम संकट भारी ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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