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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-121

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जय श्री राधे कृष्ण …….

जाकें डर अति काल डेराई, जो सुर असुर चराचर खाई, तासों बयरु कबहुं नहिं कीजै, मोरे कहें जानकी दीजै ।।

भावार्थ:- जो देवता, राक्षस और समस्त चराचर को खा जाता है, वह काल भी जिनके डर से अत्यंत डरता है, उन से कदापि वैर न करो और मेरे कहने से जानकी जी को दे दो…!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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