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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-71

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जय श्री राधे कृष्ण …….

रामचंन्द्र गुन बरनैं लागा, सुनतहिं सीता कर दुख भागा, लागीं सुनैं श्रवन मन लाई आदिहु तें सब कथा सुनाई….!!

भावार्थ:- वे श्री रामचंद्र जी के गुणों का वर्णन करने लगे (जिनके) सुनते ही सीता जी का दुख भाग गया । वह कान और मन लगा कर उन्हें सुनने लगीं । हनुमान जी ने आदि से लेकर सारी कथा कह सुनायी…… ।।

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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