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Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-30

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जय श्री राधे कृष्ण …….

*मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा, देखे जह तह अगनित जोधा, गयउ दसानन मंदिर माहीं, अति बिचित्र कहि जात सो नाहीं…….!!

भावार्थ:- उन्होंने एक-एक (प्रत्येक) महल की खोज की । जहां-तहां असंख्य योद्धा देखे । फिर वे रावण के महल में गए । वह अत्यन्त विचित्र था, जिसका वर्णन नहीं हो सकता ….!!

सुप्रभात

आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो..

Lalit Tripathi
the authorLalit Tripathi
सामान्य (ऑर्डिनरी) इंसान की असमान्य (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी) इंसान बनने की यात्रा

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