सुविचार-सुन्दरकाण्ड-164
जय श्री राधे कृष्ण ……. "अवगुन एक मोर मैं माना, बिछुरत प्रान न कीन्ह पयाना, नाथ सो नयनन्हि को अपराधा, निसरत प्रान करहिं हठि बाधा ।। भावार्थ:- हाँ, एक दोष मैं अपना अवश्य मानती हूँ कि आपका वियोग होते ही...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "अवगुन एक मोर मैं माना, बिछुरत प्रान न कीन्ह पयाना, नाथ सो नयनन्हि को अपराधा, निसरत प्रान करहिं हठि बाधा ।। भावार्थ:- हाँ, एक दोष मैं अपना अवश्य मानती हूँ कि आपका वियोग होते ही...
संघर्ष जरूरी है नीति शास्त्र कहते हैं कि अधम श्रेणी के मनुष्य- कठिनाइयों के भय से किसी उत्तम कार्य को...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "अनुज समेत गहेहु प्रभु चरना, दीन बन्धु प्रनतारति हरना, मन क्रम बचन चरन अनुरागी, केहिं...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "चलत मोहि चूड़ामणि दीन्ही, रघुपति हृदयँ लाइ सोइ लीन्ही, नाथ जुगल लोचन भरि बारी, बचन...
गलंतिका-शिवलिंग के ऊपर बांधी जाने वाली मटकी हम कई बार शिवलिंग के ऊपर एक मटकी बंधी हुई देखते हैं, जिसमें...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "नाम पाहरू दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट, लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं बाट...
बूढ़ा पिता गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बेटे और बहु के साथ रहता था । परिवार सुखी संपन्न था...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनत कृपानिधि मन अति भाए, पुनि हनुमान हरषि हियँ लाए, कहहु तात केहि भाँति जानकी,...
https://youtube.com/shorts/izobIIZFYQY?si=DmVYvZNaUjHd7vG6...