सुविचार-सुन्दरकाण्ड-134
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बचन सुनत कपि मन मुसुकाना,भाई सहाय सारद मैं जाना, जातुधान सुनि रावन बचना, लागे रचैं मूढ़ सोइ रचना ।। भावार्थ:- यह वचन सुनते ही हनुमान जी मन में मुस्कराये (और मन-ही-मन बोले कि) मैं जान...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "बचन सुनत कपि मन मुसुकाना,भाई सहाय सारद मैं जाना, जातुधान सुनि रावन बचना, लागे रचैं मूढ़ सोइ रचना ।। भावार्थ:- यह वचन सुनते ही हनुमान जी मन में मुस्कराये (और मन-ही-मन बोले कि) मैं जान...
यमराज और डाकू एक साधु व डाकू यमलोक पहुंचे। डाकू ने यमराज से दंड मांगा और साधु ने स्वर्ग की...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "पूंछहीन बानर तह जाइहि, तब सठ निज नाथहि लइ आइहि, जिन्ह कै कीन्हिसि बहुत बडा़ई,...
चरित्र की असलियत:-तोते की राम राम कब तक? राजा भोज के दरबार में एक विद्वान आए। वे अनेक भाषाऐं धारा...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनत बिहसि बोला दशकंधर, अंग भंग करि पठइअ बंदर ।। भावार्थ:- यह सुनते ही रावण...
होनी प्रबल है उसे कोई टाल नहीं सकता.. अभिमन्यु के पुत्र ,राजा परीक्षित थे। राजा परीक्षित के बाद उनके लड़के...
जय श्री राधे कृष्ण ……. " नाइ सीस करि बिनय बहूता, नीति बिरोध न मारिअ दूता, आन दंड कछु करिअ...
खुशियों का सौदा इस बड़े शहर में एक छोटा सा कॉस्मेटिक शॉप है मेरा। पति ने खोला था मेरे नाम...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनि कपि बचन बहुत खिसिआना, बेगि न हरहु मूढ़ कर प्राना, सुनत निसाचर मारन धाए,...
प्यार और विश्वास की डोर अरे ये कप.....ये कप तो नीचे बहु के कमरे मे सजे हुए थे ...ये यहा...