सुविचार-सुन्दरकाण्ड-129
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मृत्यु निकट आई खल तोही, लागेसि अधम सिखावन मोही, उलटा होइहि कह हनुमाना, मतिभ्रम तोर प्रगट मैं जाना ।। भावार्थ:- रे दुष्ट! तेरी मृत्यु निकट आ गयी है । अधम! मुझे शिक्षा देने चला है...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मृत्यु निकट आई खल तोही, लागेसि अधम सिखावन मोही, उलटा होइहि कह हनुमाना, मतिभ्रम तोर प्रगट मैं जाना ।। भावार्थ:- रे दुष्ट! तेरी मृत्यु निकट आ गयी है । अधम! मुझे शिक्षा देने चला है...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "जदपि कही कपि अति हित बानी, भगति बिबेक बिरति नय सानी, बोला बिहसि महा अभिमानी,...
माता पार्वती का महल...लंका एक बार की बात है, देवी पार्वती का मन खोह और कंदराओं में रहते हुए ऊब...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "मोहमूल बहु सूल प्रद त्यागहु तम अभिमान, भजहु राम रघुनायक कृपा सिंधु भगवान ।। भावार्थ:-...
फूल की तरह खिलाते जाओ, होली पर्व मनाते जाओ फाल्गुन का महीना अपने मन को खिलाने वाला होता है ,...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनु दसकंठ कहउँ पन रोपी, बिमुख राम त्राता नहिं कोपी, संकर सहस बिष्नु आज तोही,...
अहंकार को जलाना सीखना है होली का दिन आते ही मन में एक नया ही उत्साह का संचार होना प्रारंभ...
जय श्री राधे कृष्ण ……. "राम बिमुख संपति प्रभुताई, जाइ रही पाई बिनु पाई, सजल मूल जिन्ह सरितन्ह नाहीं, बरषि...
बरसाने की लठमार होली ब्रजमण्डलल भारत में अपना एक विशिष्टा स्थाान रखता है। लीला पुरुषोत्त म भगवान श्री कृष्णल की...