सुविचार-सुन्दरकाण्ड-238
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सादर तेहिं आगें करि बानर, चले जहाँ रघुपति करुनाकर, दूरिहि ते देखे द्वौ भ्राता, नयनानंद दान के दाता।। भावार्थ:- विभीषण जी को आदर सहित आगे कर के वानर फिर वहाँ चले, जहाँ करूणा की खान...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सादर तेहिं आगें करि बानर, चले जहाँ रघुपति करुनाकर, दूरिहि ते देखे द्वौ भ्राता, नयनानंद दान के दाता।। भावार्थ:- विभीषण जी को आदर सहित आगे कर के वानर फिर वहाँ चले, जहाँ करूणा की खान...
सुख का आधार जिस प्रकार वृक्षारोपण करने से आपको शीतल छाया स्वतः प्राप्त हो जाती है उसी प्रकार शुभ कार्य...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "उभय भाँति तेहि आनहु हँसि कह कृपानिकेत, जय कृपाल कहि कपि चले अंगद हनू समेत...
निशान ही निशान कुछ दिन पहले एक परिचित के घर गया था। जिस वक्त घर में मैं बैठा था, उनकी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जग महुँ सखा निसाचर जेते, लछिमनु हनइ निमिष महुँ तेते, जौं सभीत आवा सरनाईं, रखिहउँ...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जग महुँ सखा निसाचर जेते, लछिमनु हनइ निमिष महुँ तेते, जौं सभीत आवा सरनाईं, रखिहउँ...
टीनू और चिड़िया के घोंसले एक समय की बात है, टीनू नाम की लड़की थी जो स्कूल में दिए गए...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "*निर्मल मन जन सो पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा, भेद लेन पठवा दससीसा,...
वाराणसी गौरी का रिजर्वेशन जिस बोगी में था, उसमें लगभग सभी लड़के ही थे । टॉयलेट जाने के बहाने गौरी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "पापवंत कर सहज सुभाऊ, भजनु मोर तेहि भाव न काऊ, जौं पै दुष्ट हृदय सोइ...