सुविचार-सुन्दरकाण्ड-220
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सचिव संग लै नभ पथ गयऊ, सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ ।। भावार्थ:- (इतना कह कर) विभीषण अपने मंत्रियों को साथ लेकर आकाश मार्ग में गए और सबको सुना कर वे ऐसा कहने लगे।। दो....
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सचिव संग लै नभ पथ गयऊ, सबहि सुनाइ कहत अस भयऊ ।। भावार्थ:- (इतना कह कर) विभीषण अपने मंत्रियों को साथ लेकर आकाश मार्ग में गए और सबको सुना कर वे ऐसा कहने लगे।। दो....
सुखी वैवाहिक- जीवन साथी जरूर पढ़े आनन्द आएगा- कॉलेज में सुखी वैवाहिक जीवन पर एक कार्यक्रम हो रहा था, जिसमे...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "उमा संत कइ इहइ बड़ाई, मंद करत जो करइ भलाई, तुम्ह पितु सरिस भलेहिं मोहि...
मानवता का गुण एक किसान के पास बहुत पिल्ले थे तो वह कुछ पिल्लो को बेचना चाहता था. उसने घर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "मम पुर बसि तपसिन्ह पर प्रीती, सठ मिलु जाइ तिन्हहि कहु नीती, अस कहि कीन्हेसि...
हनुमानजी की अद्भुत पराक्रम कथा राम रावण युद्ध के समय जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जिअसि सदा सठ मोर जिआवा, रिपु कर पच्छ मूढ़ तोहि भावा, कहसि न खल अस...
"यह एक शिक्षक के जीवन की अंतिम शाम थी" एक शिक्षक के नाते इस कहानी को जरूर पढ़िएगा:- दिनकर सर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "बुध पुरान श्रुति संमत बानी, कही बिभीषन नीति बखानी, सुनत दसानन उठा रिसाई, खल तोहिं...
जब जागो तभी सवेरा बड़े आक्रोश में घर में घुसते ही कावेरी को आँगन में काम करती हुई केया भाभी...