वाल्मीकि रामायण भाग 19
वाल्मीकि रामायण भाग 19 वत्सदेश (प्रयाग) के वन में प्रवेश करने पर उन दोनों भाइयों ने भूख लगने पर कन्द-मूल आदि लेकर एक वृक्ष के नीचे ठहरने के लिए चले गए। वहाँ बैठने पर श्रीराम ने अपने भाई से कहा,...
वाल्मीकि रामायण भाग 19 वत्सदेश (प्रयाग) के वन में प्रवेश करने पर उन दोनों भाइयों ने भूख लगने पर कन्द-मूल आदि लेकर एक वृक्ष के नीचे ठहरने के लिए चले गए। वहाँ बैठने पर श्रीराम ने अपने भाई से कहा,...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति, बोले राम सकोप तब भय बिनु...
वाल्मीकि रामायण भाग 18 श्रीराम के पीछे-पीछे जो अयोध्यावासी तमसा नदी के तट तक आ गए थे, वे अगली सुबह...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रिषि अगस्ति कीं साप भवानी, राछस भयउ रहा मुनि ग्यानी, बंदि राम पद बारहिं बारा,...
वाल्मीकि रामायण भाग 17 दशरथ जी की आज्ञानुसार तुरंत ही जाकर सुमन्त्र जी उत्तम घोड़ों से जुता हुआ एक स्वर्णाभूषित...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "नाइ चरन सिरु चला सो तहाँ, कृपासिंधु रघुनायक जहाँ, करि प्रनामु निज कथा सुनाई, राम...
वाल्मीकि रामायण भाग 16सीता के साथ श्रीराम व लक्ष्मण अब अपने पिता का दर्शन करने के लिए गए। उन दोनों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जनकसुता रघुनाथहि दीजे, एतना कहा मोर प्रभु कीजे, जब तेहिं कहा देन बैदेही, चरन प्रहार...
वाल्मीकि रामायण भाग 14माता कैकेयी के कठोर वचन सुनकर भी श्रीराम व्यथित नहीं हुए। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा! मैं महाराज...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अति कोमल रघुबीर सुभाऊ, जद्यपि अखिल लोक कर राऊ, मिलत कृपा तुम्ह पर प्रभु करिही,...