वाल्मीकि रामायण -भाग 29
वाल्मीकि रामायण -भाग 29 मारीच के पूछने पर रावण ने अपना मंतव्य बताया, “तात मारीच! मैं इस समय बहुत दुःखी हूँ और केवल तुम ही मुझे सहारा दे सकते हो।” “मेरा भाई खर, महाबाहु दूषण, मेरी बहन शूर्पणखा, मांसभोजी राक्षस...
वाल्मीकि रामायण -भाग 29 मारीच के पूछने पर रावण ने अपना मंतव्य बताया, “तात मारीच! मैं इस समय बहुत दुःखी हूँ और केवल तुम ही मुझे सहारा दे सकते हो।” “मेरा भाई खर, महाबाहु दूषण, मेरी बहन शूर्पणखा, मांसभोजी राक्षस...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनत बिनीत बचन अति कह कृपाल मुसुकाइ, जेहि बिधि उतरै कपि कटकु तात सो कहहु...
वाल्मीकि रामायण -भाग 28 पंचवटी में जब शूर्पणखा ने देखा कि श्रीराम ने उन चौदह हजार राक्षसों के साथ-साथ खर,...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "प्रभु प्रताप मैं जाब सुखाई, उतरिहि कटकु न मोरि बड़ाई, प्रभु आग्या अपेल श्रुति गाई,...
वाल्मीकि रामायण भाग 27 राम के हाथों खर के उन चौदह राक्षसों के वध को देखकर शूर्पणखा घबरा गई। भयभीत...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं, मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं, ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी,...
वाल्मीकि रामायण भाग 26अगस्त्य जी के आश्रम में प्रवेश करके लक्ष्मण जी ने उनके शिष्य को अपना परिचय दिया और...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "तव प्रेरित मायाँ उपजाए, सृष्टि हेतु सब ग्रंथनि गाए, प्रभु आयसु जेहि कहँ जस अहई,...
वाल्मीकि रामायण भाग 25महाभयंकर विराध राक्षस का वध करके श्रीराम ने सीता को सांत्वना दी और लक्ष्मण से कहा, “सुमित्रानन्दन!...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सभय सिंधु गहि पद प्रभु केरे, छमहु नाथ सब अवगुन मेरे, गगन समीर अनल जल...