सुविचार-सुन्दरकाण्ड-230
जय श्री राधे कृष्ण ….. "भेद हमार लेन सठ आवा, राखिअ बाँधि मोहि अस भावा, सखा नीति तुम्ह नीकि बिचारी, मम पन सरनागत भयहारी ।। भावार्थ:- (जान पड़ता है) यह मूर्ख हमारा भेद लेने आया है । इसलिए मुझे तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "भेद हमार लेन सठ आवा, राखिअ बाँधि मोहि अस भावा, सखा नीति तुम्ह नीकि बिचारी, मम पन सरनागत भयहारी ।। भावार्थ:- (जान पड़ता है) यह मूर्ख हमारा भेद लेने आया है । इसलिए मुझे तो...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "कह प्रभु सखा बूझिऐ काहा, vकहइ कपीस सुनहु नरनाहा, जानि न जाइ निसाचर माया, कामरुप...
सदा सुहागन रहो मीना की दादी गांव से आई तो मीना की मां किरन ने जैसे अपनी सास के पैरों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "कह प्रभु सखा बूझिऐ काहा, कहइ कपीस सुनहु नरनाहा, जानि न जाइ निसाचर माया, कामरुप...
भक्ति-और-भगवान एक राजा था जो एक आश्रम को संरक्षण दे रहा था यह आश्रम एक जंगल में था इसके आकार...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "ताहि राखि कपीस पहिं आए, समाचार सब ताहि सुनाए, कह सुग्रीव सुनहु रघुराई, आवा मिलन...
मानव चरित्र एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, “महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "एहि बिधि करत सप्रेम बिचारा, आयउ सपदि सिंधु एहिं पारा, कपिन्ह बिभीषनु आवत देखा, जाना...
कृतज्ञता - परमेश्वर के चरणों में प्रार्थना कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा...