सुविचार-सुन्दरकाण्ड-235
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जग महुँ सखा निसाचर जेते, लछिमनु हनइ निमिष महुँ तेते, जौं सभीत आवा सरनाईं, रखिहउँ ताहि प्रान की नाईं।। भावार्थ:- क्योंकि हे सखे ! जगत में जितने भी राक्षस हैं, लक्ष्मण क्षण भर में उन...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जग महुँ सखा निसाचर जेते, लछिमनु हनइ निमिष महुँ तेते, जौं सभीत आवा सरनाईं, रखिहउँ ताहि प्रान की नाईं।। भावार्थ:- क्योंकि हे सखे ! जगत में जितने भी राक्षस हैं, लक्ष्मण क्षण भर में उन...
टीनू और चिड़िया के घोंसले एक समय की बात है, टीनू नाम की लड़की थी जो स्कूल में दिए गए...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "*निर्मल मन जन सो पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा, भेद लेन पठवा दससीसा,...
वाराणसी गौरी का रिजर्वेशन जिस बोगी में था, उसमें लगभग सभी लड़के ही थे । टॉयलेट जाने के बहाने गौरी...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "पापवंत कर सहज सुभाऊ, भजनु मोर तेहि भाव न काऊ, जौं पै दुष्ट हृदय सोइ...
एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी। ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी। उसी ट्रेन के एक डिब्बे में...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "कोटि बिप्र बध लागहिं जाहू, आएँ सरन तजउँ नहिं ताहू, सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं,...
"संवेदनशील होना कोई दुर्बलता नही"… जीवन में आप चाहे जितने छले गए हो…. आपकी भावनाओं को चाहे जितना रौंदा गया...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनि प्रभु बचन हरष हनुमाना, सरनागत बच्छल भगवाना ।। भावार्थ:- प्रभु के वचन सुन कर...
घमंडी का सिर नीचा प्राचीन काल की बात है।किसी गांव में चंद्रभूषण नाम का एक विद्धवान पंडित रहता था।उसकी वाणी...