सुविचार-सुन्दरकाण्ड-283
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रावन दूत हमहि सुनि काना, कपिन्ह बाँधि दीन्हें दुख नाना, श्रवन नासिका काटैं लागे, राम सपथ दीन्हें हम त्यागे ।। भावार्थ:- हम रावण के दूत हैं, यह कानों से सुन कर वानरों ने हमें बाँध...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "रावन दूत हमहि सुनि काना, कपिन्ह बाँधि दीन्हें दुख नाना, श्रवन नासिका काटैं लागे, राम सपथ दीन्हें हम त्यागे ।। भावार्थ:- हम रावण के दूत हैं, यह कानों से सुन कर वानरों ने हमें बाँध...
कर्मों का फल तो झेलना पड़ेगा भीष्म पितामह रणभूमिमें शर शैया पर पड़े थे। हल्का-सा भी हिलते तो शरीर में...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "नाथ कृपा करि पूँछेहु जैसें, मानहु कहा क्रोध तजि तैसें, मिला जाइ जब अनुज तुम्हारा,...
घणी गई थोड़ी रही एक राजा को राज करते काफी समय हो गया था।उसके बाल भी सफ़ेद होने लगे थे।एक...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "की भइ भेंट कि फिरि गए श्रवन सुजसु सुनि मोर, कहसि न रिपु दल तेज...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जिन्ह के जीवन कर रखवारा, भयउ मृदुल चित सिंधु बिचारा, कहु तपसिन्ह कै बात बहोरी,...
नारद जी और हनुमानजी संवाद एक बार नारद मुनि और राम- भक्त हनुमान के बीच एक रोचक संवाद हुआ! यह...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "करत राज लंका सठ त्यागी, होइहि जव कर कीट अभागी, पुनि कहु भालु कीस कटकाई,...
जन्माष्टमीकभी सूरदास ने एक स्वप्न देखा था कि राधिका और रुक्मिणी मिली हैं और एक दूजे पर न्योछावर हुई जा...