वाल्मीकि रामायण भाग 17
वाल्मीकि रामायण भाग 17 दशरथ जी की आज्ञानुसार तुरंत ही जाकर सुमन्त्र जी उत्तम घोड़ों से जुता हुआ एक स्वर्णाभूषित रथ ले आए। तब श्रीराम ने हाथ जोड़कर अपनी माता कौसल्या से कहा, “माँ! तुम पिताजी को देखकर यह न...
वाल्मीकि रामायण भाग 17 दशरथ जी की आज्ञानुसार तुरंत ही जाकर सुमन्त्र जी उत्तम घोड़ों से जुता हुआ एक स्वर्णाभूषित रथ ले आए। तब श्रीराम ने हाथ जोड़कर अपनी माता कौसल्या से कहा, “माँ! तुम पिताजी को देखकर यह न...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "नाइ चरन सिरु चला सो तहाँ, कृपासिंधु रघुनायक जहाँ, करि प्रनामु निज कथा सुनाई, राम...
वाल्मीकि रामायण भाग 16सीता के साथ श्रीराम व लक्ष्मण अब अपने पिता का दर्शन करने के लिए गए। उन दोनों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "जनकसुता रघुनाथहि दीजे, एतना कहा मोर प्रभु कीजे, जब तेहिं कहा देन बैदेही, चरन प्रहार...
वाल्मीकि रामायण भाग 14माता कैकेयी के कठोर वचन सुनकर भी श्रीराम व्यथित नहीं हुए। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा! मैं महाराज...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "अति कोमल रघुबीर सुभाऊ, जद्यपि अखिल लोक कर राऊ, मिलत कृपा तुम्ह पर प्रभु करिही,...
वाल्मीकि रामायण भाग 13रात बीती और पुष्य नक्षत्र में राज्याभिषेक का शुभ मुहूर्त आ गया। अपने शिष्यों के साथ महर्षि...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "कह सुक नाथ सत्य सब बानी, समुझहु छाड़ि प्रकृति अभिमानी, सुनहु बचन मम परिहरि क्रोधा,...
वाल्मीकि रामायण भाग 13रात बीती और पुष्य नक्षत्र में राज्याभिषेक का शुभ मुहूर्त आ गया। अपने शिष्यों के साथ महर्षि...
जय श्री राधे कृष्ण ….. "सुनत सभय मन मुख मुसकाई, कहत दसानन सबहि सुनाई, भूमि परा कर गहत अकासा, लघु...