श्राद्ध कर्म
श्राद्ध कर्म माथे का पसीना अपने दुपट्टे से पोंछती हुई, नियति किचन से निकल कर आई और लिविंग रूम में रखे सोफे पर, धम्म से बैठ गई। थकान से पूरा शरीर दर्द कर रहा था उसका। सितंबर का महीना था...
श्राद्ध कर्म माथे का पसीना अपने दुपट्टे से पोंछती हुई, नियति किचन से निकल कर आई और लिविंग रूम में रखे सोफे पर, धम्म से बैठ गई। थकान से पूरा शरीर दर्द कर रहा था उसका। सितंबर का महीना था...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " किसी भी व्यक्ति को अच्छे से जाने बिना दूसरों की बातें सुनकर…उसके प्रति कोई...
फूल चोर बाबा बरसाना के एक बाबा थे जो प्रतिदिन हमारी लाडली जु की फूलों की सेवा करते थे। वे...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " प्रेम निःशुल्क होते हुए भी इस सृष्टि का सबसे महंगा सुख है..!! सुप्रभात आज...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " सर उठा कर चलने के लिए, वजुद बेदाग रखना पड़ता है…!! सुप्रभात आज का...
कुबेर का अहंकार यह एक पौराणिक कथा है। कुबेर तीनों लोकों में सबसे धनी थे। एक दिन उन्होंने सोचा...
इच्छा, सद्भावना और ईश्वर की इच्छा सच्चा चरित्र तब सामने आता है जब इंसान सब कुछ खो देता है। यह...