विचित्र आशीर्वाद
विचित्र आशीर्वाद एक समय आदरणीय गुरु नानक देव जी यात्रा करते हुए नास्तिक विचारधारा रखने वाले लोगों के गाँव पहुंचे। वहां बसे लोगों ने गुरु नानाक देव जी और उनके शिष्यों का आदर सत्कार नहीं किया, उन्हें कटु वचन बोले...
विचित्र आशीर्वाद एक समय आदरणीय गुरु नानक देव जी यात्रा करते हुए नास्तिक विचारधारा रखने वाले लोगों के गाँव पहुंचे। वहां बसे लोगों ने गुरु नानाक देव जी और उनके शिष्यों का आदर सत्कार नहीं किया, उन्हें कटु वचन बोले...
अजगर करै न चाकरी शुरू में संत मलूकदास नास्तिक थे यानी ईश्वर के होने में उनका कतई विश्वास नहीं था। उन्हीं दिनों की बात है, उनके गांव में एक साधु आकर टिक गया। प्रतिदिन सुबह सुबह गांव वाले साधु का...
स्वाभिमान की कीमत एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया। एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था, इसलिए उस ने मुर्गे को मारने का बहाना सोचा और मुर्गे से कहा, "तुम कल से बाँग नहीं दोगे, नहीं तो मै...
कभी भी हिम्मत न हारो "एक 34 साल का व्यक्ति जब जीवन में सब कुछ हार गया उसका बिज़नेस डूब गया कर्ज़दार हो गया तो वह अपने उन सभी दोस्तों से मुँह छिपाकर जिनसे उसने कर्ज़ लिया था दूसरे शहर...
इंसानियत का इनाम लखनऊ के एक पुराने मोहल्ले में हर सुबह साइकिल की घंटी, ऑटो की आवाज और घरों से आती चाय की खुशबू लोगों को जगाया करती थी। उसी मोहल्ले के एक कोने में था श्यामलाल का घर। छोटा...
असली रिश्तापत्नी को लड़कर पीहर गए पांच दिन हो गए थे। सतीश को नींद नही आ रही थी। वह करवटें बदल रहा था। रात के एक बजे पत्नी का फोन आया। उसने तुरंत उठा लिया। फोन उठाते ही राधिका बोली...
कितने हुए श्री राम ? एक दिन श्री राम सिंहासन पर विराजमान थे तभी उनकी अंगूठी गिर गई। गिरते ही वह भूमि के एक छेद में चली गई। हनुमान ने यह देखा तो उन्होंने लघु रूप धरा और उस छेद...
खुद की कमियों को ढूँढे़ कबूतर के एक जोड़े ने अपने लिए घोंसला बनाया परंतु जब कबूतर जोड़ें उस घोंसले में रहते हैं तो अजीब बदबू आती रहती थी। उन्होंने उस घोंसले को छोड़ कर दूसरी जगह एक नया घोंसला...
स्वर्ग और नरक का रहस्य बहुत समय पहले की बात है। एक गांव में एक बुजुर्ग महिला रहती थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रभु की भक्ति में समर्पित कर दिया था। प्रतिदिन सुबह और शाम वे प्रभु का ध्यान करतीं,...
फ़र्ज पिताजी के जाने के बाद आज पहली बार हम दोनों भाईयों में जम कर बहसबाजी हुई। फ़ोन पर ही उसे मैंने उसे खूब खरी-खरी सुना दी। पुश्तैनी घर छोड़कर मैं कुछ किलोमीटर दूर इस सोसायटी में रहने आ गया...