गीता पर शपथ क्यों दिलाई जाती है
गीता पर शपथ क्यों दिलाई जाती है कथा कुछ इस प्रकार से है- भगवान श्रीहरि मूर दैत्य का नाश करने के बाद बैकुंठ लोक में शेष शय्या पर आंखें मूंदे लेटे मन ही मन मुस्कुरा रहे थे….देवी लक्ष्मी उनकी चरण...
गीता पर शपथ क्यों दिलाई जाती है कथा कुछ इस प्रकार से है- भगवान श्रीहरि मूर दैत्य का नाश करने के बाद बैकुंठ लोक में शेष शय्या पर आंखें मूंदे लेटे मन ही मन मुस्कुरा रहे थे….देवी लक्ष्मी उनकी चरण...
सन्तोष की साँस सेठ राम सजीवन नगर के प्रमुख व्यवसायी थे। वे अपने पुत्र एवं पत्नी के साथ सुखी जीवन बिता रहे एक दिन अचानक उन्हें खून की उल्टी हुई और चिकित्सकों ने जाँच के उपरान्त पाया कि वे कैंसर...
नोटिस गल गयी दो भाई थे, दोनों भाइयों में बहुत प्रेम था। उनकी कपड़े की दूकान थी। दोनों भाई उस दूकान पर बैठते और घर में भी एक साथ प्रेम से रहते। भाइयों की पत्नियों में थोड़ा-बहुत विवाद हो भी...
श्रेष्ठ सोचें-श्रेष्ठ पायें ऊँची आवाज नहीं अपितु ऊँची सोच ही व्यक्ति को महान बनाती है। विचारों की संकीर्णता जीवन की श्रेष्ठता के पथ में बाधक का कार्य करती हैं। बिना ऊँची सोच के ऊँचे लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है...
अधूरा दीपक बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से नगर में एक वृद्ध कुम्हार रहता था। वह मिट्टी के दीपक बनाकर अपना जीवन यापन करता था। उसके बनाए दीपक पूरे नगर में प्रसिद्ध थे। एक दिन उसने कई...
जड़ से ही काट दो एक संत घूमते घूमते एक छोटे से गांव में आए। वहां संत बड़े आश्चर्य में पड़ गए क्योंकि गांव में एक विचित्र सी गंध थी,और बीच कहीं से बड़ा धुआं उठ रहा था। जैसे जैसे...
आखिरी पेन स्थान का नाम है मदुरै, मीनाक्षी मंदिर का प्रवेश द्वार। ये कहानी है एक ऐसे साउथ इंडियन ब्राह्मण की जो व्यक्ति विशेष तो नही थे मगर सोच बहुत विशाल था वो व्यक्ति पेरियासामी...उम्र 60 वर्ष। हर रोज सुबह...
महाभारत से एक कथा : एक पाप से सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं महाभारत के युद्ध पश्चात जब "श्री कृष्ण" लौटे तो रोष में भरी रुक्मणी" ने उनसे पूछा ?? युद्ध में बाकी सब तो ठीक था। किंतु आपने...
जैसी करनी वैसा फल, आज नहीं तो मिलेगा कल एक गाँव के एक जमींदार ठाकुर बहुत वर्षों से बीमार थे। इलाज करवाते हुए कोई डॉक्टर कोई वैद्य नहीं छोड़ा कोई टोने टोटके करने वाला नहीं छोड़ा। लेकिन कहीं से भी...
अदृश्य पर विश्वास एक बार की बात है, एक माँ के गर्भ में दो शिशु पल रहे थे। दोनों धीरे-धीरे बड़े हो रहे थे और समय के साथ उनमें सोचने-समझने की क्षमता भी आने लगी थी।एक दिन पहले शिशु ने...