किस्मत की दस्तक
किस्मत की दस्तक कुन्दनलाल सारा दिन धूप में इधर-उधर घूम-फिर कर टूटा-फूटा सामान और कबाड़ जमा करता और फिर शाम को उसे बड़े कबाड़ी की दुकान पर बेचकर पेट भरने लायक कमा लेता था। एक दिन वह एक घर से...
किस्मत की दस्तक कुन्दनलाल सारा दिन धूप में इधर-उधर घूम-फिर कर टूटा-फूटा सामान और कबाड़ जमा करता और फिर शाम को उसे बड़े कबाड़ी की दुकान पर बेचकर पेट भरने लायक कमा लेता था। एक दिन वह एक घर से...
वाह वाह की भूखएक बार संगत में एक भाई आने लगा वो गीत बहुत सुंदर गाता था, सारी संगत प्रसन्न हो जाती थी। एक बार संयोजन महात्मा का आगमन हुआ ,मुखी महात्मा ने कहा कि ये गीतकार महात्मा बहुत अच्छे...
अंगद जी और अक्षय कुमार हनुमान जी और अंगद जी दोनों ही समुद्र लाँघने में सक्षम थे, फिर पहले हनुमान जी लंका क्यों गए???...."अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा॥" अंगद जी बुद्धि और बल में बाली...
ढपोलशंख एक गृहस्थ ने साधु-बाबा की बहुत सेवा की थी । साधुबाबा के पास पद्म नामका एक छोटा सा शंख था , जब गृहस्थ साधु के आश्रम से घर लौटने लगा तो साधु ने उसकी सेवा से प्रसन्न हो कर...
पाप का फल मनुष्य को ऐसी शंका नहीं करनी चाहिये कि मेरा पाप तो कम था पर दण्ड अधिक भोगना पडा अथवा मैंने पाप तो किया नहीं पर दण्ड मुझे मिल गया! कारण कि यह सर्वज्ञ, सर्वसुहृद्, सर्वसमर्थ भगवान् का...
गुरुजी और चाय का प्याला एक बार गुरुजी सत्संग करके आ रहे थे, रास्ते में गुरुजी का मन चाय पीने को हुआ। उन्होंने अपने ड्राइवर को कहा भैया ,हमे चाय पीनी है। ड्राइवर ने गाड़ी 5 स्टार होटल के आगे...
ख़ुशी और सुकून एक लड़का सुबह- सुबह तालाब के किनारे दौड़ने को जाता था और आतेजाते एक बूढी महिला को देखता। वो बूढी महिला हर रोज तालाब के किनारे छोटे-छोटे कछुवों की पीठ को साफ़ किया करती और वह यह...
दान और सम्मान एक समय की बात है। एक नगर में एक कंजूस राजेश नामक व्यक्ति रहता था। उसकी कंजूसी सर्वप्रसिद्ध थी। वह खाने, पहनने तक में भी कंजूस था। एक बात उसके घर से एक कटोरी गुम हो गई।...
जगन्नाथ मंदिरपुरी के राजा स्वयं अपने हाथों से झाडू़ लगाते हैं,और वो सोने की झाड़ू से होती है सफाई…! आज भी हर वर्ष जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है..तस्वीर...
मृत्यु क्यों महत्वपूर्ण है...?? मृत्यु से सभी डरते हैं, लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं...यह ब्रह्मांड के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसके बिना मनुष्य एक दूसरे पर हावी हो जाएंगे। कैसे...?? यह कहानी पढ़ें...! एक बार एक...