पांच गठरियां
पांच गठरियां एक महात्मा कहीं जा रहे थे। रास्ते में वो आराम करने के लिये रुके। एक पेड के नीचे लेट कर सो गये नींद में उन्होंने एक स्वप्न देखा कि. “वे रास्ते में जा रहे हैंऔर उन्हें एक व्यापारी...
पांच गठरियां एक महात्मा कहीं जा रहे थे। रास्ते में वो आराम करने के लिये रुके। एक पेड के नीचे लेट कर सो गये नींद में उन्होंने एक स्वप्न देखा कि. “वे रास्ते में जा रहे हैंऔर उन्हें एक व्यापारी...
एक पल की समझ मीता की उम्र पचास साल हो चुकी थी, लेकिन उनकी सुबह की आदतें वही थीं – नींद से उठते ही एक करवट लेते और अपने पति राजेश बाबू से हमेशा की तरह चाय बनाने को कहती।...
भक्तवत्सल श्रीराम एक समय श्रीराम को मुनियों के द्वारा यह समाचार मिलता है कि लंकापति विभीषण द्राविड देश में कैद हैं। भगवान् श्रीराम अब नहीं ठहर सके, वे विभीषण का पता लगाने और उन्हें छुडाने के लिये निकल पड़े। खोजते-खोजते...
समझदार दोस्त बहुत समय पहले की बात है, दो अरबी दोस्तों को एक बहुत बड़े खजाने का नक्शा मिला, खजाना किसी रेगिस्तान के बीचो-बीच था। दोनों ने योजना बनाना शुरू की, खजाने तक पहुँचने के लिए बहुत लम्बा समय लगता...
शिव हमे क्या सिखाते हैँ शिव हमें सिखाते हैँ की मानव जीवन में चाहे जैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, प्रत्येक परिस्थिति में स्थिर रहना ही सबसे बड़ी शक्ति है, जब जीवन हिल रहा हो, लोग बदल रहे हों और...
नेकी का हिसाब सच में चुकता होता है मुंबई—सपनों का शहर। एक ऐसा शहर जहाँ लाखों लोग अपनी आँखों में हज़ारों उम्मीदें लिए हर रोज़ ट्रेन और बसों की भीड़ में अपनी किस्मत आज़माते हैं। यहाँ की रफ़्तार कभी नहीं...
तुम एक व्यापारी हो और मैं भी एक भिखारी किसी स्टेशन पर पेंसिलों से भरा कटोरा लेकर बैठा हुआ था। एक युवा व्यवसायी उधर से गुजरा और उसने कटोरे में 50 रूपये डाल दिया, लेकिन उसने कोई पेंसिल नहीं ली।...
दर्शन और देखने में अंतर एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा – “ चल मंदिर चलते है ?” मैंने कहा – “ किसलिए ?” मित्र बोला – “ दर्शन के लिए !” मैं बोला – “ क्यों !...
यदि तुम बहादुर होते तो मुस्लमान बनते ही क्यों चौधरी चरण सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे उस समय उत्तर प्रदेश के विधानसभा में दो मुसलमान थे...!! एक दिन विधानसभा भवन में एक कमाल यूसुफ नाम के विधायक...
अहंकार करना उचित नही प्राचीन काल की बात है, शेषनाग का एक महा बलवान् पुत्र था। उसका नाम मणिनाग था। उसने भक्ति भाव से भगवान् शंकर की उपासना कर गरुड़ से अभय होने का वरदान माँगा। भगवान् शंकर ने कहा-...