पितामह भीष्म के पांच अचूक तीर
पितामह भीष्म के पांच अचूक तीर पितामह भीष्म ने अपनी शस्त्र विद्या का प्रयोग करते हुए सोने के पांच अचूक तीर निकाले और इसे अभिमंत्रित करके बोले- “दुर्योधन! तुम व्यर्थ में संदेह करते हो। इन बाणों से कोई नहीं बच...
पितामह भीष्म के पांच अचूक तीर पितामह भीष्म ने अपनी शस्त्र विद्या का प्रयोग करते हुए सोने के पांच अचूक तीर निकाले और इसे अभिमंत्रित करके बोले- “दुर्योधन! तुम व्यर्थ में संदेह करते हो। इन बाणों से कोई नहीं बच...
मौत का डर:एक बार भगवान बुद्ध किसी गाँव में उपदेश दे रहे थे। उन्होंने अपने उपदेश में लोगों को एक कहानी सुनाई, “किसी शहर में एक बनिया रहता था। जोकि, जन्मजात कंजूस था, उसे हर समय पैसे का ही ध्यान...
माता सीता ने किया राजा दशरथ का श्राद्ध राजा दशरथ की मृत्यु के बाद श्री राम और लक्ष्मण ने जंगल में ही पिंड दान करने का निश्चय लिया । तभी भगवान श्री राम और लक्ष्मण दोनो ही जंगल में आवश्यक...
समस्याओं का समाधान राजस्थान के एक छोटे से गाँव में एक व्यक्ति रहता था। उसका नाम भोलाराम था। भोलाराम बहुत ही सरल स्वभाव का और मेहनती व्यक्ति था, परंतु जीवन में बार-बार आने वाली परेशानियों ने उसे अंदर से...
ईश्वर से चाहना या ईश्वर को चाहना एक नगर के राजा ने यह घोषणा करवा दी कि कल जब मेरे महल का मुख्य दरवाज़ा खोला जायेगा तब जिस व्यक्ति ने जिस वस्तु को हाथ लगा दिया वह वस्तु उसकी हो...
कर्ज विवाह के 2 साल बाद, जब मैं गर्भवती हुई, तो सातवें महीने में अपने मायके राजस्थान जा रही थी। मेरे पति शहर से बाहर थे, और उन्होंने एक रिश्तेदार से कहा था कि मुझे स्टेशन पर छोड़ आएं। लेकिन...
बूढ़े गिद्ध की सलाह एक बार गिद्धों (Vultures) का झुण्ड उड़ता-उड़ता एक टापू पर जा पहुँचा. टापू समुद्र के बीचों-बीच स्थित था. वहाँ ढ़ेर सारी मछलियाँ, मेंढक और समुद्री जीव थे. इस प्रकार गिद्धों को वहाँ खाने-पीने को कोई कमी...
भगवान बुद्ध का तर्क एक बार भगवान बुद्ध से उनके एक शिष्य ने पूछा, भगवन आपने आज तक यह नहीं बताया कि मृत्यु के बाद क्या होता है। उसकी बात सुनकर बुद्ध मुस्कुराए, फिर उन्होंने उससे पूछा, पहले मेरी एक...
तपस्या का फल भगवान शंकर को पति के रूप में पाने हेतु माता-पार्वती कठोर तपस्या कर रही थी। उनकी तपस्या पूर्णता की ओर थी। एक समय वह भगवान के चिंतन में ध्यान मग्न बैठी थी। उसी समय उन्हें एक बालक...
श्राद्ध का प्रचलन कब और कैसे ब्रह्माजी के पुत्र हुए महर्षि अत्रि,उन्हीं के वंश में भगवान दत्तात्रेयजी का आविर्भाव हुआ जिनके पुत्र महर्षि निमि और निमि के एक पुत्र हुआ श्रीमान् श्रीमान् बहुत सुन्दर था ; कठोर तपस्या के बाद...