दोहरी जिम्मेदारी….
"बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले।" नहीं नहीं पापा जी मैं कर लूंगी...
"बेटा तू बच्चों का नाश्ता बना इतने मैं इन्हे तैयार कर देता हूं फिर तू वत्सल का लंच लगा दियो मैं इन्हे बस तक छोड़ आऊंगा!" नरेश जी अपनी बहू दिव्या से बोले।" नहीं नहीं पापा जी मैं कर लूंगी...
दीपावली पर तीनों बेटे सपरिवार उनके पास आते थे...वो एक सप्ताह कैसे मस्ती में बीत जाता था...कुछ पता ही नही चलता था। कैसे क्या हुआ...उनकी खुशियों को जैसे नज़र ही लग गई... अचानक शीला जी को दिल का दौरा पड़ा...
जब से द्वारकाधीश का निर्माण हुआ तब से पहली बार आधी रात को मंदिर के कपाट एक झटके में खोल दिए गए......ये परंपरा किसी इंसान के लिए नहीं बदली गई किसी मंतरी, संतरी के लिए नहीं तोड़ी गई,भारतीय परंपरा में...
वैसे तो सभी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को इन्द्र के अहंकार को तोड़ने के लिए अपनी उंगली उठा लिया था। अब दूसरी तरह से भी इसका सार समझते हैं। जब भगवान श्रीकृष्ण गोकुलवासियों को इन्द्रदेव के...
मई-जून की गर्मी, कोरोना काल, दुकानों को सीमित समय हेतु खोलने के आदेश...। एक मजदूर पसीना पोंछता हुआ बोला- सेठ जी थोड़ा सा पानी पिला दीजिये! सेठ जी- अभी कोई आदमी नहीं है, थोड़ी देर बाद आना। बेचारा वहीं बैठ...
बहुत समय पहले हरिशंकर नाम का एक राजा था। उसके तीन पुत्र थे और अपने उन तीनों पुत्रों में से वह किसी एक पुत्र को राजगद्दी सौंपना चाहता था। पर किसे? राजा ने एक तरकीब निकाली और उसने तीनो पुत्रों...
एक मक्खी एक हाथी के ऊपर बैठ गई। हाथी को पता भी नहीं चला कि मक्खी कब बैठी। मक्खी बहुत भिनभिनाई, आवाज की, और कहा- भाई! तुझे कोई तकलीफ हो तो बता देना, या वजन मालूम पड़े तो खबर कर...
विधवा थी पर श्रृंगार ऐसा कर के रखती थी कि पूछो मत। बिंदी के सिवाय सब कुछ लगाती थी। पूरी कॉलोनी में उनके चर्चे थे। उनका एक बेटा भी था जो अभी नौंवी कक्षा में था । पति रेलवे में...
अटलजी जब संघ के प्रचारक थे तब नानाजी देशमुख विभाग प्रमुख थे। एकबार नानाजी देशमुख जी ने देखा कि अटलजी के पैरों में चप्पल नहीं है तब नानाजी देशमुख ने उन्हें 2 रुपये चप्पल खरीदने के लिए दिया। 2 महीने...
"सुनो खुशबू .. मम्मी पापा आ रहे हैं कल, दस दिन, यही रूकेंगे, एडजस्ट कर लेना-राजेश ने खुशबू को बैड पर लेटते हुए कहा। "कोई बात नही राजेश, आने दिजिए, आपको शिकायत का कोई मौका नही मिलेगा"-खुशबू ने तुरन्त उत्तर...