lalittripathi@rediffmail.com
Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-179

जय श्री राधे कृष्ण ……. "सुनि प्रभु बचन कहहिं कपि बृंदा, जय जय जय कृपाल सुखकंदा, तब रघुपति कपिपतिहि बोलावा, कहा चलैं कर करहु बनावा ।। भावार्थ:- प्रभु के वचन सुन वानर गण कहने लगे - कृपालु आनन्दकन्द श्री राम...

Stories

दान का महत्व

दान का महत्व एक बार की बात है कि श्री कृष्ण और अर्जुन कहीं जा रहे थे। रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण से पूछा कि प्रभु – एक जिज्ञासा है  मेरे मन में, अगर आज्ञा हो तो पूछूँ ?......श्री...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-178

जय श्री राधे कृष्ण ……. "उमा राम सुभाउ जेहिं जाना, ताहि भजनु तजि भाव न आना, यह संबाद जासु उर आवा, रघुपति चरन भगति सोइ पावा ।। भावार्थ:- हे उमा! जिस ने श्री राम जी का स्वभाव जान लिया, उसे...

Stories

ईश्वर का प्रमाण

ईश्वर का प्रमाण एक दिन एक राजा ने अपने सभासदों से कहा, ‘क्या तुम लोगों में कोई ईश्वर के होने का प्रमाण दे सकता है ?......सभासद सोचने लगे... अंत में एक मंत्री ने कहा, ‘महाराज, मैं कल इस प्रश्न का...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-177

जय श्री राधे कृष्ण ……. "नाथ भगति अति सुखदायनी, देहु कृपा करि अनपायनी, सुनि प्रभु परम सरल कपि बानी, एवमस्तु तब कहेउ भवानी ।। भावार्थ:- हे नाथ! मुझे अत्यंत सुख देने वाली अपनी निश्चल भक्ति कृपा कर के दीजिए ।...

Stories

रिश्तों में सामंजस्य

रिश्तों में सामंजस्य निहारिका की शादी खूब धूमधाम से हुई। वह बहुत खुश है। ससुराल में उसे खूब अच्छा लाड प्यार मिल रहा है। पग फेरे (गौने)की रस्म के लिए आज वह मायके आई हुई है। सुबह से ही चहक...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-176

जय श्री राधे कृष्ण ……. "सो सब तव प्रताप रघुराई, नाथ न कछू मोरि प्रभुताई ।। भावार्थ:- यह सब तो हे रघुनाथ जी, आप ही का प्रताप है । हे नाथ! इसमें मेरी प्रभुता (बड़ाई) कुछ भी नहीं है ।।...

Stories

श्री हनुमानजी और यम

श्री हनुमानजी और यम हनुमान जी की यम से मुठभेड़ तब होती है जब हनुमानजी माता सीता का पता लगाने के लिए लंका जाते हैं।   माता सीता को खोज सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद हनुमानजी ने अशोक वाटिका में मेघनाथ...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-175

जय श्री राधे कृष्ण ……. "साखामृग कै बड़ि मनुसाई, साखा तें साखा पर जाई, नाघि सिंधु हाटकपुर जारा, निसिचर गन बधि बिपिन उजारा ।। भावार्थ:- बंदर का बस यही पुरुषार्थ है कि वह एक डाल से दूसरी डाल पर चला...

Stories

सदैव अच्छा करो

सदैव अच्छा करो एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए प्रतिदिन भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी। वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती...

1 163 164 165 291
Page 164 of 291