lalittripathi@rediffmail.com
Stories

देवरानी – जेठानी ( बहुएं )

देवरानी - जेठानी ( बहुएं ) दीपा और नीता दोनों जेठानी-देवरानी। दीपा नौकरी करती थी और नीता घर संभालती थी। भरा-पूरा परिवार था, सास-ससुर, दोनों के दो बच्चे कुल 10 लोगों का परिवार। कई सालों बाद दोनों की बुआ सास...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-209

जय श्री राधे कृष्ण ….. "सरन गएँ प्रभु ताहु न त्यागा, बिस्व द्रोह कृत अघ जेहि लागा, जासु नाम त्रय ताप नसावन, सोइ प्रभु प्रगट समुझु जियँ रावन ।। भावार्थ:- जिसे सम्पूर्ण जगत से द्रोह करने का पाप लगा है,...

Stories

जिम्मेदारी का भार

जिम्मेदारी का भार पंडित बलराम से उनकी पत्नी माया काफी समय से एक हार की मांग कर रही थी। हर बार पंडित उनकी बातों को टाल देते थे। वो कभी अपनी पत्नी से यह नहीं कह पाते थे कि उनके...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-208

जय श्री राधे कृष्ण ……. "ताहि बयरु तजि नाइअ माथा, प्रनतारति भंजन रघुनाथा, देहु नाथ प्रभु कहुँ बैदेही, भजहु राम बिनु हेतु सनेही ।। भावार्थ:- वैर त्याग कर उन्हें मस्तक नवाइए । वे श्री रघुनाथ जी शरणागत का दु:ख नाश...

Stories

मन का अहंकार

“मन का अहंकार”बूढी मां और लाचार बाप को बिलखता छोड़कर एक ऋषि तपस्या करने के लिए वन में चले गए ! तप करने के बाद जब ऋषि उठे तो देखा कि एक कौवा अपनी चोंच में एक चिड़िया का बच्चा...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-207

जय श्री राधे कृष्ण ……. " गो द्विज धेनु देव हितकारी, कृपा सिंधु मानुष तनुधारी, जन रंजन भंजन खल ब्राता, बेद धर्म रच्छक सुनु भ्राता ।। भावार्थ :- उन कृपा के समुद्र भगवान ने पृथ्वी, ब्राह्मण, गौ और देवताओं का...

Stories

सवाल इज्ज़त का है

सवाल इज्ज़त का है एक बार एक पहलवान रात को कहीं जा रहा था कि अंधेरे का फ़ायदा उठाकर चार चोरों ने उसपर हमला कर दिया। लेकिन पहलवान उनसे इस तरह भिड़ गया जैसे कोई बहादुर इंसान लड़ सकता था...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-206

जय श्री राधे कृष्ण ……. " तात राम नहिं नर भूपाला, भुवनेस्वर कालहु कर काला, ब्रह्म अनामय अज भगवंता, ब्यापक अजित अनादि अनंता ।। भावार्थ:- हे तात! राम मनुष्यों के ही राजा नहीं हैं, वे समस्त लोकों के स्वामी और...

Stories

इंसानियत की प्रतिस्पर्धा

इंसानियत की प्रतिस्पर्धा चार महीने बीत चुके थे, बल्कि 10 दिन ऊपर हो गए थे, किंतु बड़े भइया की ओर से अभी तक कोई ख़बर नहीं आई थी कि वह पापा को लेने कब आएंगे. यह कोई पहली बार नहीं...

Quotes

सुविचार-सुन्दरकाण्ड-205

जय श्री राधे कृष्ण ……. " काम क्रोध मद लोभ सब नाथ नरक के पंथ, सब परिहरि रघुबीरहि भजहु भजहिं जेहि संत ।। भावार्थ:- हे नाथ! काम, क्रोध, मद और लोभ - ये सब नरक के रास्ते हैं । इन...

1 157 158 159 291
Page 158 of 291