प्रेरणादायक सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ..... "यार दोस्तों से जब भी अवसर मिले, आपस मे मिल लेना चाहिए....!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
जय श्री राधे कृष्ण ..... "यार दोस्तों से जब भी अवसर मिले, आपस मे मिल लेना चाहिए....!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
हनुमान चालीसा की महिमा मेरे रिश्तेदार की पौत्री को मधुमेह रोग है। वह इंसुलिन का इंजेक्शन लेती है, परंतु एक दिन जब वह परीक्षा देने के लिये कॉलेज गयी थी, अचानक सुगर-लेवल बढ़ गया। उसे पास के अस्पताल में दिखाया...
जय श्री राधे कृष्ण ..... " जब हम एक बच्चे को हवा में उछालते हैं, तब वह हँसता है क्योंकि वह जानता है कि हम उसे पकड़ लेंगे, इसे कहते हैं विश्वास...!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में...
कठिनाईयां एक राजा ने सड़क के बीचों-बीच एक बहुत बड़ा पत्थर रखवा दिया और चुपचाप नजदीक के एक पेड़ के पीछे जाकर छुप गया। दरअसल वो देखना चाहता था कि कौन व्यक्ति बीच सड़क पर पड़े उस भारी-भरकम पत्थर को...
जय श्री राधे कृष्ण ..... " श्री कृष्ण कहते हैं तू अपनी मुश्किलों का जिक्र सबसे ना कर मैं बैठा हूं, तू फिक्र ना कर.....!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
आखिरी मुलाकात ? एक प्रेमी-युगल था। शादी से पहले दोनों के बीच खूब हँसी-मजाक, प्यार और नोक-झोंक हुआ करती थी। छोटी-छोटी बातों पर रूठना और फिर एक-दूसरे को मनाना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे परिस्थितियाँ...
जय श्री राधे कृष्ण ..... " कार्यस्थल पर अगर बदमाश नहीं कहलाए, तो समझो सिर्फ़ मुलाजिम हो ज़िंदादिल नहीं...!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
सच्ची श्रद्धा का फल एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह माता लक्ष्मी का बहुत बड़ा भक्त था। हर शुक्रवार को वह व्रत रखता, पूजा करता और अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी न किसी जरूरतमंद...
जय श्री राधे कृष्ण ..... " गुणवान व्यक्तियों के संपर्क में रहकर सामान्य व्यक्ति भी गौरव प्राप्त करता है...जैसे क़ी फूलों की माला में रहकर धागा भी ईश्वर केमस्तक पर स्थान प्राप्त करता है....!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके...
मर्यादा पुरुषोत्तम चौदह वर्ष के वनवास से लौटने के बाद जब श्रीराम माता कैकेयी के चरण छूने पहुंचे, तो कैकेयी ने रोते हुए कहा - "राम, मैंने तुम्हें इतना कष्ट दिया, फिर भी तुम मुझे वही आदर क्यों दे रहे...