पड़ोसी धर्म
पड़ोसी धर्म आज की रात उसके लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किल बनती जा रही थी उसको कहीं पर भी रास्ता नजर नहीं आ रहा था, ममता अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी पिता बनारसी दास माता निरुपमा देवी दोनों को...
पड़ोसी धर्म आज की रात उसके लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किल बनती जा रही थी उसको कहीं पर भी रास्ता नजर नहीं आ रहा था, ममता अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी पिता बनारसी दास माता निरुपमा देवी दोनों को...
जय श्री राधे कृष्ण ……. लंका निसिचर निकर निवासा, इहां कहां सज्जन कर बासा, मन महुँ तरक करै कपि लागा, तेहीं समय बिभीषनु जागा……!!! भावार्थ:- लंका तो राक्षसों के समूह का निवास स्थान है । यहां सज्जन (साधु पुरुष) का...
मस्तराम का खजाना राजा-महाराजाओं के जमाने की बात है। किसी गांव में मस्तराम नाम का एक युवक रहता था। वह था तो बहुत गरीब और उसे मुश्किल से ही भरपेट भोजन मिल पाता था। मगर फिर भी वह चिंता नहीं...
जय श्री राधे कृष्ण "व्यंग और बहस से रिश्ते कमजोर हो जाते है….इसीलिए कभी भी ऐसी लड़ाई न लड़े जिसमें बहस तो जीत जाये लेकिन अपनें हार जायें……..!! सुप्रभात आज का दिन प्रसन्नता से परिपूर्ण हो.....
जय श्री राधे कृष्ण ……. रामायुध अंकित गृह सोभा बरनि न जाइ, नव तुलसिका बृंद तहं देखि हरष कपिराइ……!! भावार्थ:- वह महल श्री राम जी के आयुध (धनुष बाण) के चिन्हों से अंकित था। उसकी शोभा वर्णन नहीं की जा...
पाजीटिव सोच मेरे पड़ोसी ने कुछ माह पूर्व एक नई कार खरीदी। उन्होंने उस कार से अपने परिवार के साथ चिन्नई से दक्षिणी तमिलनाडु जाने का लम्बे कार्यक्रम की योजना बनाई। वे कुछ दिन उस जगह रुके और वापिस चिन्नई...
जय श्री राधे कृष्ण ……. सयन किए देखा कपि तेही, मंदिर महु न दीखि बैदेही, भवन एक पुनि दीख सुहावा, हरि मंदिर तहं भिन्न बनावा……!! भावार्थ:- हनुमान जी ने उस (रावण) को शयन किए देखा, परंतु महल में जानकी जी...
मेरा ग़म कितना कम है तत्काल सर्जरी के लिए बुलाए जाने के बाद एक डॉक्टर साहब आनन-फानन में अस्पताल में दाखिल हुए। उन्होंने जल्द से जल्द कॉल का जवाब दिया, अपने कपड़े बदले और सीधे सर्जरी ब्लॉक में चले गए।...
जय श्री राधे कृष्ण ……. *मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा, देखे जह तह अगनित जोधा, गयउ दसानन मंदिर माहीं, अति बिचित्र कहि जात सो नाहीं…….!! भावार्थ:- उन्होंने एक-एक (प्रत्येक) महल की खोज की । जहां-तहां असंख्य योद्धा देखे । फिर...
महादानी सूर्यपुत्र कर्ण की मृत्यु का रहस्य दुशाशन को जब भीम ने मार कर उसका रक्त पिया और द्रौपदी के केश उसके खून से धुलवाए तो दुर्योधन की आँखों में खून उतर आया उसने आव देखा न ताव, कर्ण को...