सुविचार
जय श्री राधे कृष्ण ….. " उम्र बढ़ने से….मुस्कुराहट नही रुकती..लेकिन मुस्कुराहट रुकने से उम्र जल्दी बढ़ती है इसलिए जीवन में मुस्कुराहट बनीं रहनी चाहिए…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " उम्र बढ़ने से….मुस्कुराहट नही रुकती..लेकिन मुस्कुराहट रुकने से उम्र जल्दी बढ़ती है इसलिए जीवन में मुस्कुराहट बनीं रहनी चाहिए…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
बुराई जड़ से ख़त्म करो बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक कोई लाभ नहीं होगा। किसी नगर में एक आदमी रहता...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " ज़िन्दगी के इस रण में खुद ही कृष्ण और खुद ही अर्जुन बनना पड़ता है रोज़ अपना ही सारथी बनकर जीवन की महाभारत को लड़ना पड़ता है…!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन...
आज के संदर्भ में श्री कृष्ण चरित्र कृष्ण और बलराम दो भाई हैं। सारे जीवन परछाई की तरह साथ रहे लेकिन पांडव- कौरवों में क्या चल रहा है, ये बलराम कभी नहीं समझ पाए। उन्होंने दुर्योधन को गदा सिखाई फिर...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " रख भरोसा खुद पर क्यों ढूंढता है तू “फरिश्ते”, पंछीओं के पास कहाँ होते हैं नक्शे, फिर भी ढूंढ ही लेते हैं रास्ते…..!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और...
बुद्धि का भ्रम एक सज्जन का नियम था कि प्रतिदिन तीन ग़रीब लोगों को भोजन कराने के पश्चात् ही स्वयं भोजन करते थे। एक दिन बहुत खोजने पर भी कोई ग़रीब न मिला। दोपहर हो गई। त्योहार निकट थी। दुकानों...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जीवन में हमे आने वाले कल की चिंता नही, कल की उत्सुकता होनी चाहिए….!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन आपके जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और मधुर ऊर्जा लेकर आए.…...
ईंटों के बीच दबे सपने एक छोटे से कस्बे में बारह वर्षीय अर्जुन रहता था। उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने थे। वह पढ़-लिखकर अधिकारी बनना चाहता था ताकि अपने गाँव की तस्वीर बदल सके। लेकिन गरीबी ने उसके सपनों को...
जय श्री राधे कृष्ण ….. " जब हम अपनी सोच को बदलेंगें तब हमारे बोल और कर्म अपने आप ही बदल जायेंगे, इस तरह खुद को बदलने की शुरूआत हमारे विचारों से ही होती है…..!! सुप्रभात ☀️ आज का दिन...
मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास सरस्वती विद्या स्कूल में आठवीं कक्षा के दो विद्यार्थी पढ़ते थे—शैतान सिंह और अभिलाषा। दोनों एक ही कक्षा में थे, लेकिन उनके स्वभाव बिल्कुल अलग थे। शैतान सिंह बहुत बुद्धिमान था, लेकिन पढ़ाई को गंभीरता से...